उत्तर प्रदेशबस्ती

बस्ती: कलवारी पुलिस-प्रशासनिक साठगांठ उजागर होने से भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

गौरा रोहारी: 50 साल पुराने सार्वजनिक रास्ते पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा कर दीवार का निर्माण किया गया है। रास्ते के विवाद को लेकर आज दोनों पक्ष आपस में भिड़े, जिसके बाद जमकर हुई गाली-गलौज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती: कलवारी थाना क्षेत्र के गौरा रोहारी में भू-माफियाओं का आतंक, 50 साल पुराने रास्ते पर कब्जा और पुलिस-प्रशासन की लचर कार्यशैली

  • समय रहते दबंगों पर कार्रवाई न होने पर क्षेत्र में बड़े विवाद की आशंका जताई जा रही है।
  • ​कलवारी थाना पुलिस की उदासीनता के कारण रास्ता बंद होने से आधा दर्जन गरीब परिवार घरों में कैद हो गए हैं।
  • ​एसडीएम के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए क्षेत्रीय लेखपाल राजेश वर्मा पैमाइश से भाग रहे हैं और गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं।
  • ​दबंग रामवृक्ष, राघोराम और रामबचन के आगे कलवारी पुलिस पूरी तरह नतमस्तक नजर आ रही है।
  • स्थान: गौरा रोहारी गाँव, कलवारी थाना क्षेत्र, बस्ती।
  • विवाद का मुख्य कारण: 50 साल पुराने सार्वजनिक रास्ते पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा और दीवार का निर्माण, जिससे आधा दर्जन गरीब परिवार कैद होकर रह गए हैं।
  • प्रमुख आरोपी: रामवृक्ष, राघोराम और रामबचन।
  • प्रशासनिक लापरवाही: एसडीएम के आदेश के बावजूद लेखपाल (राजेश वर्मा) द्वारा पैमाइश से पीछे हटना और गैर-जिम्मेदाराना बयान देना (“SDM खुद आकर करें पैमाइश”)।
  • पुलिस की भूमिका: कलवारी पुलिस की कथित संलिप्तता और उदासीनता के चलते दबंगों के हौसले बुलंद हैं।

​बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गौरा रोहारी गाँव में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से दम तोड़ती नजर आ रही है। यहाँ प्रशासनिक साठगांठ और पुलिस की निष्क्रियता के चलते भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्होंने 50 साल पुराने सार्वजनिक रास्ते पर जबरन कब्जा कर लिया है। रास्ते को बंद किए जाने के कारण आधा दर्जन से अधिक गरीब परिवार अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।

आपस में भिड़े पक्ष, वायरल हुआ वीडियो

​रास्ते के विवाद को लेकर आज दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई। बात इतनी बढ़ गई कि मौके पर जमकर गाली-गलौज और हंगामा हुआ। इस दौरान स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए हंगामे और गाली-गलौज का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो क्षेत्र में सुलग रहे बड़े विवाद की गवाही दे रहा है।

एसडीएम के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहा बेपरवाह लेखपाल

​इस पूरे मामले में क्षेत्रीय लेखपाल राजेश वर्मा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि लेखपाल एसडीएम के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं और पैमाइश करने से लगातार भाग रहे हैं। हद तो तब हो गई जब लेखपाल ने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि “SDM खुद आकर करें पैमाइश”। एक जिम्मेदार लोक सेवक का ऐसा बयान प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा कलंक है।

खाकी और खादी के संरक्षण में पनप रहा अपराध

​स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दबंग किस्म के लोग—रामवृक्ष, राघोराम और रामबचन—कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं और कलवारी थाना पुलिस इन रसूखदारों के आगे पूरी तरह नतमस्तक और ‘धृतराष्ट्र’ बनी बैठी है। चिलचिलाती धूप में अपनी फरियाद लेकर न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर बेबस ग्रामीण जिले के आला अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं, लेकिन उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है।

चेतावनी: यदि समय रहते बस्ती प्रशासन और उच्च अधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान नहीं लिया और दबंगों पर सख्त कार्रवाई करते हुए गरीबों के घर का रास्ता नहीं खुलवाया, तो गौरा रोहारी गाँव में कभी भी एक बड़ा खूनी संघर्ष और बवाल भड़क सकता है।

 

​क्या जिला प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है, या फिर पीड़ित गरीबों को अब न्याय के लिए यूं ही सड़कों पर भटकना पड़ेगा? यह सवाल आज हर न्यायप्रिय नागरिक की जुबान पर है।

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