
*प्रेस विज्ञप्ति*
*दिनांक-31.07.2026 में जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित।*
*किसानों के बीच एन०पी०के० मिश्रीत उर्वरकों का व्यापक प्रचार-प्रसार करायें- डा० प्रेम कुमार।*
*किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें- डा० प्रेम कुमार।*
*कृषकों के बीज जैविक एवं प्राकृतिक खेती का प्रचार- प्रसार कराया जाय- श्री रोमित कुमार।*
*निर्धारित मूल्य पर ही किसानों को उर्वरक की उपलब्धता हो, इसे सुनिष्चित करायें।*
दिनांक-31.07.2026 को जिला समाहरणालय सभाकक्ष, गया में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। आज की बैठक में माननीय बिहार विधानसभा अध्यक्ष डा० प्रेम कुमार, माननीय विधायक, अतरी श्री रोमित कुमार, माननीय विधायक, गुरुआ श्री उपेन्द्र प्रसाद, माननीय विधायक, टिकारी श्री अजय कुमार, माननीय केन्द्रीय मंत्री, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, भारत सरकार के प्रतिनिधि, श्री नन्दलाल माँझी, माननीय विधायिका बाराचट्टी के प्रतिनिधि श्री रामबिलास शर्मा, माननीय सदस्य बिहार विधान परिशद् के प्रतिनिधि मो० मोख्तार खाँ, उप विकास आयुक्त, गया, जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं जिला कृषि पदाधिकारी, गया ने भाग लिया।
माननीय बिहार विधानसभा अध्यक्ष डा० प्रेम कुमार बताया गया कि किसानों को भ्रम है कि डी०ए०पी० उर्वरक के मुकाबले एन०पी०के० मिश्रीत उर्वरक खेतों में कम उपयोगी है। इसलिये किसानों के बीच एन०पी०के० मिश्रीत उर्वरकों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निदेष दिया। साथ ही अधिक संख्या में बिस्कोमान केन्द्र स्थापित कराने का निदेष दिया गया। किसानों के सभी खेतों का मिट्टी जाँच कराने का निदेष दिया गया ताकि किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग कर सके।
माननीय विधायक, टिकारी श्री अजय कुमार द्वारा पैक्स, व्यापार मंडल एवं बिस्कोमान को अधिक मात्रा में आपूर्ति कराने का निदेष दिया गया ताकि स्थानीय स्तर पर उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता हो सके।
माननीय विधायक, टिकारी श्री रोमित कुमार द्वारा उर्वरकों के संतुलित उपयोग हेतु जनसम्पर्क, सोषल मीडिया एवं कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निदेष दिया गया। कृषकों के बीज जैविक एवं प्राकृतिक खेती का प्रचार- प्रसार कराने का निदेष दिया गया। साथ ही यूरिया के निर्भरता को कम करने के लिये नैनो यूरिया का प्रचार- प्रसार कराने का निदेष दिया गया।
जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि खरीफ मौसम में यूरिया का प्रयोग अगस्त एवं सितम्बर माह अत्यधिक होने से यूरिया की माँग बढ़ जाती है। जिले में यूरिया 18135.30 मे० टन, डी०ए०पी० 3062.65 मे० टन, एम०ओ०पी० 2135.65 मे० टन उपलब्ध है एवं अन्य सभी उर्वरक के साथ कुल 40833.815 मे० टन उर्वरक की उपलब्धता है। जिला पदाधिकारी के द्वारा निदेष दिया गया कि जिले के सभी प्रखंडों में सभी विक्रेताओं के पास उर्वरक अगस्त एवं सितम्बर माह में उपलब्ध रहें इसे सुनिष्चित किया जाय, ताकि कृषकों को कोई परेषानी नही हो। इसके अलावें जिला कृषि पदाधिकारी को समय-समय पर जिला स्तरीय सहायक निदेषक (रसायन), सहायक निदेषक (पौधा संरक्षण), अनुमंडल कृषि पदाधिकारी के माध्यम से सभी थोक उर्वरक विक्रेताओं के स्टाॅक का सत्यापन नियमित रुप से करने हेतु निदेष दिया। किसानों के लिये उर्वरक से संबंधित षिकायतों के लिये हेल्पलाईन नम्बर जारी किया जाय। किसी भी खुदरा एवं थोक उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध षिकायत प्राप्त होने पर कठोर कार्रवाई की जायेगी।
किसान को किसी भी प्रकार की समस्या होने की स्थिति में किसान हेल्पलाईन नम्बर 1551 पर काॅल करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने का सुझाव दिया।
किसान उर्वरक की उपलब्धता एवं अन्य प्रकार के षिकायतों के लिये निम्न नम्बरों पर अपनी षिकायत दर्ज करा सकते है। सहायक निदेषक (षश्य), प्रक्षेत्र मो० संख्या 9470803717, सहायक निदेषक (षश्य), बीज विष्लेषण प्रयोगषाला, मो० संख्या 9117184060, सहायक निदेषक (षश्य), जिला कृषि विपणन पदाधिकारी- विषेश पदाधिकारी, मो० संख्या 9162624811।
अबतक 492 उर्वक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया है। उर्वरक के वितरण में अनियमितता के आरोप में 02 प्रतिष्ठानों के प्राथमिकी दर्ज कराई एवं 25 दुकानों का उर्वरक अनुज्ञप्ति को रद्द कर दिया गया है।
त्रिलोकी नाथ डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर गयाजी बिहार
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