

बलौदाबाजार। जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर चौक के निवासी एवं प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र के जिला ब्यूरो प्रमुख दलजीत सिंह चावला ने भू-माफिया व आदतन अपराधी प्रवृत्ति के तत्वों से जान-माल का गंभीर खतरा जताया है। थाना सिटी कोतवाली में दर्ज कराई गई लिखित शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि राधाविहार कॉलोनी मार्ग स्थित उनकी पारिवारिक निर्माणाधीन संपत्ति पर एक आदतन बदमाश ने भीड़ जुटाकर न केवल बलपूर्वक निर्माण कार्य रुकवाया, बल्कि विरोध करने पर सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज, हाथापाई और जान से मारने की सीधी धमकी दी।
पीड़ित परिवार ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने, त्वरित गिरफ्तारी, तथा परिवार व स्थानीय सिख अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।
घटनाक्रम: अश्लील गालियां, हाथापाई और दहशत का तांडव
शिकायत के अनुसार, मामला 29 जुलाई की सुबह का है। जब दलजीत सिंह चावला को अपनी संपत्ति पर काम रोके जाने की सूचना मिली, तो वे मौके पर पहुंचे। वहाँ निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप था। आरोप है कि आदतन बदमाश बताए जा रहे राजेश मिश्रा ने अपने साथियों के साथ मिलकर मौके पर कब्जा जमाने और काम रुकवाने की नीयत से गुंडागर्दी की।
जब चावला ने इसका विरोध किया, तो आरोपी आपे से बाहर हो गया और सार्वजनिक रूप से बेहद अश्लील गालियां देते हुए हाथापाई पर आमादा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी ने उन्हें जान से मारने की खुली धमकी भी दी।
डिजिटल साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शी:
इस पूरी वारदात के प्रत्यक्षदर्शी विकास गंभीर, अंशु गंभीर एवं विजय तिवारी बताए जा रहे हैं। घटना के दौरान जब अंशु गंभीर ने अपने मोबाइल से इस पूरी गुंडागर्दी की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, तो आरोपी राजेश मिश्रा ने उन पर भी हमला करने की कोशिश की और अश्लील गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी, जिससे डरकर अंशु को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। पीड़ित पक्ष ने घटना के वीडियो फुटेज व स्क्रीनशॉट्स पुलिस को साक्ष्य के तौर पर सौंपे हैं।
अल्पसंख्यक समुदाय में खौफ, संविधान प्रदत्त अधिकारों पर हमला
पीड़ित दलजीत सिंह चावला ने बताया कि उनका परिवार सिख अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखता है। इस तरह संगठित होकर भू-संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से हमला करना, धमकी देना और दहशत फैलाना महज़ एक साधारण अपराध नहीं है, बल्कि इससे पूरे अल्पसंख्यक समाज में असुरक्षा की भावना व्याप्त हो गई है।
उन्होंने कहा कि “भारत का संविधान हर नागरिक को समानता, जीवन और संपत्ति की सुरक्षा का मौलिक अधिकार देता है। यदि कानून के रखवाले ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कदम नहीं उठाएंगे, तो कानून के शासन पर से आम जनता और अल्पसंख्यकों का भरोसा उठ जाएगा।”
पुरानी शिकायत पर ढिलाई पड़ी भारी?
शिकायतकर्ता ने खुलासा किया कि आरोपी राजेश मिश्रा की आपराधिक गतिविधियों का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व 16 जुलाई 2026 को भी उन्होंने पुलिस थाना सिटी कोतवाली में आरोपी द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील गाली-गलौज और धमकी देने की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप है कि तत्कालीन शिकायत पर पुलिस द्वारा कोई प्रभावी या दंडात्मक कार्रवाई न किए जाने के कारण आरोपी के हौसले बुलंद हो गए और उसने इस बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला।
उच्चाधिकारियों और मानवाधिकार निकायों से गुहार
प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने आवेदन पत्र की प्रतियां राज्य के शीर्ष प्रशासनिक एवं संवैधानिक निकायों को भेजी हैं:
माननीय मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक (SP), बलौदाबाजार
रायपुर एवं बलौदाबाजार प्रेस क्लब
प्रमुख मांगें:
आरोपी राजेश मिश्रा व उसके सहयोगियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
पूर्व की पेंडिंग शिकायत को वर्तमान केस से जोड़कर कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई हो।
पीड़ित परिवार और निर्माणाधीन संपत्तियों की सुरक्षा के लिए तत्काल पुलिस संरक्षण मिले।
पुलिस का पक्ष
”मामले में लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस पूरी निष्पक्षता के साथ जांच कर रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों के विरुद्ध विधिसम्मत एवं सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
— लाकेश कैवर्त, थाना प्रभारी, सिटी कोतवाली बलौदाबाजार



