सिद्धार्थनगर में शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों के कायाकल्प और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन सिद्धार्थनगर से सामने आई तस्वीर इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। भनवापुर विकास खंड के परसोहिया तिवारी स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि उसमें बच्चों को पढ़ाना खतरे से खाली नहीं है। दीवारों में बड़ी दरारें हैं, छत टपक रही है और हालात ऐसे हैं कि कक्षाएं अब गांव के एक निजी मकान में संचालित की जा रही हैं। सवाल यह है कि जब भवन को असुरक्षित मान लिया गया, तो आखिर नए विद्यालय के निर्माण में देरी क्यों हो रही है? देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।

यह तस्वीरें सिद्धार्थनगर जिले के भनवापुर विकास खंड स्थित परसोहिया तिवारी के पूर्व माध्यमिक विद्यालय की हैं। कभी बच्चों की पढ़ाई का केंद्र रहा यह स्कूल अब खंडहर में तब्दील होता नजर आ रहा है। भवन की दीवारों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं और छत भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। बरसात में पानी टपकने से कक्षाओं में पढ़ाई कराना संभव नहीं रह जाता। बच्चों का कहना है कि उन्हें अब गांव के बाहर एक निजी मकान में पढ़ाई करनी पड़ रही है। वहां आने-जाने में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन आज तक नए भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका। विद्यालय के ईचार्ज प्रधानाध्यापक कुलदीप कुमार का कहना है कि भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। शिकायत के बाद एबीएसए ने बच्चों को दूसरे विद्यालय में भेजने के निर्देश दिए थे, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण गांव के निजी भवन में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पुराने भवन के ध्वस्तीकरण का आदेश मिल चुका है और नया भवन बनने के बाद पढ़ाई फिर से वहीं शुरू होगी। इस मामले में जब भनवापुर के एबीएसए महेंद्र प्रसाद से बातचीत करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हालांकि, ऑफ कैमरा उन्होंने बताया कि विद्यालय भवन निर्माण के लिए बजट का प्रस्ताव भेजा जा चुका है और जल्द ही बजट स्वीकृत होने की उम्मीद है। बजट स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। वहीं, बच्चों की निजी मकान में पढ़ाई कराए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो और पढ़ाई भी बाधित न हो।
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