कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कमजोर प्रदर्शन वाले स्वास्थ्य अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश

धार, (सुरेन्द्र दुबे डिस्टिक हेड) 1 सितंबर 2026। कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित कर जिले में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्रसवपूर्व जांच, एनीमिया प्रबंधन, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार कल्याण, टीबी उन्मूलन, सिकल सेल, आयुष्मान भारत तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने प्रसवपूर्व सेवाओं में सुधार के निर्देश दिए। जिले में प्रसव हेतु अपेक्षित 22 हजार 437 गर्भवती महिलाओं में से 13 हजार 551 ने चार या अधिक प्रसवपूर्व जांच कराई हैं। कलेक्टर ने प्रथम त्रैमासिक में ही पंजीयन, पहली प्रसवपूर्व जांच एवं निर्धारित सेवाएं सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक गर्भवती महिला का नामवार अनुश्रवण करने के निर्देश दिए। कम उपलब्धि वाले सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, खंड चिकित्सा अधिकारियों एवं ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधकों को चिन्हित कर कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने तथा नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।एनीमिया एवं उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया। मध्यम एनीमिया के 8 हजार 913 प्रकरणों में से 7 हजार 361 का प्रबंधन किया गया है। गंभीर एनीमिया के 379 में से 362 तथा गर्भावस्था प्रेरित उच्च रक्तचाप के 581 में से 572 प्रकरणों का प्रबंधन हुआ। कलेक्टर ने कमजोर प्रदर्शन वाले उप स्वास्थ्य केंद्रों में संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं सहायक नर्स दाई की जवाबदेही तय करने तथा आवश्यकतानुसार वेतन कटौती की कार्रवाई के निर्देश दिए।
उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आगामी 15 दिनों में प्रसव संभावित 773 उच्च जोखिम वाली महिलाओं में से केवल 106 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कलेक्टर ने प्रत्येक महिला की नामवार सूची तैयार कर नियमित अनुश्रवण तथा आवश्यकता अनुसार प्रसव की संभावित तिथि से पूर्व स्वास्थ्य संस्था में भर्ती कराने के निर्देश दिए। प्रसव की संभावित तिथि निकलने के बावजूद लंबित 705 प्रकरणों में प्रसव स्थिति का सत्यापन कर स्वास्थ्य पोर्टल पर जानकारी तत्काल अद्यतन करने को कहा।
मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में कलेक्टर ने गंभीरता से निगरानी के निर्देश दिए। वर्ष 2026-27 में अब तक जिले में मातृ मृत्यु के 19 प्रकरण रिपोर्ट हुए हैं। प्रत्येक प्रकरण की विस्तृत समीक्षा कर कारणों का विश्लेषण एवं सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल में ग्रामीण क्षेत्र में 97.45 प्रतिशत उपलब्धि रही। कलेक्टर ने नवजातों के निर्धारित गृह भ्रमण समय पर कराने तथा उच्च जोखिम वाले नवजातों को आवश्यकता अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्था में भेजने के निर्देश दिए।
टीकाकरण एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण में शत-प्रतिशत उपलब्धि के निर्देश दिए गए। पूर्ण टीकाकरण में बाग एवं निसरपुर की कम उपलब्धि पर छूटे बच्चों की नामवार सूची तैयार कर विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित करने को कहा गया। आयुष्मान भारत योजना में जिले में 13 लाख 43 हजार 709 कार्ड बनाए जा चुके हैं। 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा अन्य पात्र हितग्राहियों के शेष आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।सिकल सेल, टीबी एवं परिवार कल्याण कार्यक्रमों में प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सिकल सेल के अंतर्गत 14 लाख 36 हजार 761 व्यक्तियों की जांच की गई है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में जांच, एक्स-रे, खाद्य टोकरी वितरण एवं संपर्क व्यक्तियों को निवारक उपचार की गति बढ़ाने को कहा गया। परिवार कल्याण कार्यक्रम में कम उपलब्धि वाले विकासखंडों में पात्र दंपत्तियों को परामर्श एवं परिवार नियोजन सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की मूलभूत सुविधाओं एवं आगामी अभियानों की भी समीक्षा की गई। विद्युत एवं जल कनेक्शन से वंचित स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। आगामी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 22 सितंबर तथा कुष्ठ रोगी खोज अभियान 16 सितंबर से 8 अक्टूबर तक की तैयारियों की समीक्षा करते हुए दवा, सर्वेक्षण दल, प्रशिक्षण एवं सूक्ष्म कार्ययोजना समय पर तैयार करने को कहा गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कमजोर स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के लिए विकासखंड एवं संस्था स्तर पर सूक्ष्म कार्ययोजना बनाकर नामवार अनुश्रवण किया जाए तथा अपेक्षित सुधार नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती अनीता सिंगारे, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्री रामनिवास बुधौलिया सहित संबंधित अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहा।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।




