कलेक्टेट सभागार में जिला वक्षारोपण, गंगा संरक्षण एवं पर्यावरण समितियों की समीक्षा बैठक संपन्न पौधों की जीविता सनिश्चित करने जियो-टैगिंग में तेजी तथा सिंगल यज प्लास्टिक पर प्रभावी क

सवाददाताः समसुद्दीन शेख , हमीरपुर
दिनांक: 07 सितंबर 2026
*कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण, गंगा संरक्षण एवं पर्यावरण समितियों की समीक्षा बैठक संपन्न*
*पौधों की जीविता सुनिश्चित करने, जियो-टैगिंग में तेजी तथा सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश*
हमीरपुर। जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल के निर्देशों के अनुपालन में कलेक्ट्रेट सभागार, हमीरपुर में मुख्य विकास अधिकारी श्री अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा संरक्षण समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वृक्षारोपण की प्रगति एवं पौधों की जीविता, जियो-टैगिंग, सिंगल यूज प्लास्टिक पर नियंत्रण, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा नदी पुनरुद्धार से संबंधित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान पौधों की जीविता (सर्वाइवल रेट) पर विशेष जोर दिया गया। प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार शहरी क्षेत्र के दो स्थलों पर रोपे गए कुल 15,323 पौधों में से 15,150 पौधे सुरक्षित पाए गए। इसी प्रकार चित्रगुप्त इंटर कॉलेज, राठ के परिसर में रोपे गए 100 पौधों में से 94 पौधे जीवित, अर्थात 94 प्रतिशत सर्वाइवल रेट पाया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि केवल पौधरोपण के लक्ष्य को पूर्ण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण एवं उनकी जीविता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि अक्टूबर माह से रोपे गए पौधों के सर्वाइवल की गहन समीक्षा जीपीएस/जियो-टैग फोटो के आधार पर की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी अपने स्तर से पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई एवं सुरक्षा सुनिश्चित करें तथा जलभराव के कारण पौधों को होने वाले नुकसान की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
बैठक में जियो-टैगिंग की विभागवार प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जनपद के 16 विभागों द्वारा निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा चुकी है। जिन विभागों की जियो-टैगिंग की प्रगति अपेक्षाकृत कम है, उन्हें कार्य में तेजी लाने तथा शेष विभागों को निर्धारित समय में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध कार्रवाई की समीक्षा करते हुए निकायों को नियमित रूप से निरीक्षण एवं अभियान संचालित करने तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर नियमानुसार चालान एवं जुर्माने की प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आमजन को भी सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया।
बैठक में चंद्रावल एवं परोही नदी क्षेत्रों में वृक्षारोपण एवं नदी पुनरुद्धार कार्यों की भी समीक्षा की गई। वर्षा एवं बाढ़ के कारण प्रभावित क्षेत्रों में पौधरोपण स्थलों की सुरक्षा, जल निकासी एवं वाटर लॉगिंग की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एवं फाइटो-रिमेडिएशन से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। STP हेतु भूमि प्रस्ताव, डीपीआर की स्थिति तथा नालों के पानी के उपचार की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को नालों के पानी के ट्रीटमेंट तथा उपचारित पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए समय-समय पर नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला से जांच कराने के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में महज कागजी प्रगति के बजाय स्थलीय एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पौधों को नियमित पानी, सुरक्षा एवं आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में वन विभाग, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
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