Exclusive News: CJP फाउंडर अभिजीत दीपके से बदतमीजी पर पत्रकार नाराज… सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर गुस्सा!

इंदौर / तेजकुमार जारवाल / वंदे भारत लाइव टीवी / न्यूज़/ जिला रिपोर्टर, इंदौर, मध्य प्रदेश /
बालाघाट में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को लेकर स्थानीय पत्रकारों की नाराजगी सामने आई है। पत्रकारों का आरोप है कि भोपाल से पहुंचे कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने जिले की स्थानीय पत्रकारिता और बालाघाट की छवि को लेकर आपत्तिजनक रवैया अपनाया।
विवाद उस समय सामने आया, जब जिले के आदिवासी इलाकों में बच्चों की बीमारी और मौत से जुड़े मामलों की जमीनी रिपोर्टिंग स्थानीय पत्रकारों द्वारा की जा रही थी। CJP फाउंडर के साथ कथित व्यवहार को लेकर विवाद, बताया जा रहा है कि शनिवार को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की ओर से CJP फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार किया गया।
इस घटना के विरोध में रविवार को बालाघाट के स्थानीय पत्रकारों की बैठक हुई। बैठक में कई वरिष्ठ पत्रकारों के साथ जनसंपर्क विभाग से जुड़े अधिकारियों की मौजूदगी की भी जानकारी सामने आई है।
पत्रकारों ने बैठक में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर काम करने वाले पत्रकार लंबे समय से जिले के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं को सामने लाने का काम कर रहे हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा स्थानीय पत्रकारिता की प्रतिष्ठा प्रभावित करने वाला कोई भी व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सरकार चाहे तो इन्फ्लुएंसर्स बुलाए, लेकिन स्थानीय पत्रकारों की छवि प्रभावित न हो। पत्रकारों का कहना है कि सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के लिए दूसरे शहरों से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को बुला सकती है।
हालांकि, इसका असर स्थानीय पत्रकारों की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा पर नहीं पड़ना चाहिए। बैठक के दौरान पत्रकारों ने कथित घटना को लेकर संबंधित पक्ष से माफी की मांग रखी।
उनका कहना है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आगे विरोध का रास्ता अपनाया जा सकता है। सरकारी खबरों के बहिष्कार की चेतावनी,
स्थानीय पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो सरकारी खबरों के बहिष्कार जैसे कदम पर विचार किया जा सकता है।
पत्रकारों का कहना है कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि स्थानीय पत्रकारिता के सम्मान और गरिमा को लेकर है। हालांकि, इस पूरे मामले में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं।
विवाद को लेकर सभी संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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