जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति एवं बैंकर्स की समीक्षा बैठक संपन्न. कम सीडी रेशियो व आवेदनों में पेंडेंसी पर बैंकों को कडी चेतावनी

रिपोर्टर समसुद्दीन अली शेख, हमीरपुर
दिनांक: 17 सितंबर 2026
*जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति एवं बैंकर्स की समीक्षा बैठक संपन्न, कम सीडी रेशियो व आवेदनों में पेंडेंसी पर बैंकों को कड़ी चेतावनी*
हमीरपुर।कलेक्ट्रेट सभागार हमीरपुर में जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति एवं जनपद के समस्त बैंक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान निर्धारित एजेंडे के अनुसार जमा-ऋण अनुपात (CD Ratio), वार्षिक ऋण योजना तथा विभिन्न स्वरोजगारपरक योजनाओं की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
समीक्षा के दौरान पंजाब नेशनल बैंक (PNB), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) का सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) को निर्देश दिए कि कम सीडी रेशियो वाले उक्त सभी बैंकों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। इसके साथ ही एचडीएफसी (HDFC) बैंक सहित अन्य बैंकों द्वारा योजनाओं में क्रेडिट डिस्पर्समेंट के खराब प्रदर्शन पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया गया।
सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' की समीक्षा में बैंकों का प्रदर्शन अत्यंत निराशाजनक पाया गया। जनपद में योजना के अंतर्गत एसबीआई के पास 174, इंडियन बैंक के पास 76 तथा एचडीएफसी बैंक के पास 45 आवेदन लंबित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यह शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या लेट-लतीफी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में लोन सैंक्शन न होने के कारण जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो रही है, जिस पर उन्होंने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि रोजगारपरक योजनाओं में बिना किसी विलंब के तत्काल ऋण स्वीकृत व वितरित किए जाएं।इसके अतिरिक्त, पीएम स्वनिधि योजना की ब्लॉक-वार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि कोई भी आवेदन लंबित न रहे।
एसबीआई को विभागीय योजनाओं के तहत ऋणों को शीघ्र डिसबर्स करने हेतु निर्देशित किया गया। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की समीक्षा के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि जनपद के 1,22,000 किसान परिवारों में से मात्र 22 प्रतिशत के पास ही केसीसी उपलब्ध है।जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिए कि किसानों का लघु व सीमांत वर्ग के अनुसार डेटा तैयार करें और आ रही व्यावहारिक समस्याओं का त्वरित निस्तारण कराएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) श्री रिजवान शाहिद, डिप्टी कलेक्टर श्री पैगाम हैदर, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) श्री ए.के. दुबे, नाबार्ड के डीडीएम श्री हरिओम सोनी, जिला सूचना अधिकारी श्री सतीश कुमार सहित जनपद के समस्त बैंकों के शाखा प्रबंधक व संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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