वीर बलवंत नारायण उस्ताद व्यायाम शाला के कलाकारों ने किया शानदार अखाड़े का प्रदर्शन जगह-जगह मंच पर किया गया कलाकारों का स्वागत

🔴 तेजकुमार जारवाल
जिला रिपोर्टर | इंदौर
वंदे भारत LIVE TV NEWS
इंदौर अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर शहर भर में भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक वैभव का माहौल रहा। भगवान श्री गणेश के विसर्जन जुलूस के दौरान वीर बलवंत नारायण उस्ताद व्यायाम शाला के कलाकारों ने पारंपरिक अखाड़े का अत्यंत भव्य और साहसिक प्रदर्शन किया।
अखाड़े के बाल, युवा और वरिष्ठ उस्तादों द्वारा दिखाए गए हैरतअंगेज़ करतबों ने जुलूस में मौजूद हज़ारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शस्त्र-कला और पराक्रम की मनमोहक प्रस्तुति
जुलूस मार्ग पर जैसे ही वीर बलवंत नारायण उस्ताद व्यायाम शाला का दल पहुँचा, ढोल-ताशों और नगाड़ों की गर्जना के साथ पूरा वातावरण देशभक्ति और धार्मिक उल्लास से गूंज उठा।
अखाड़े के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक साहसिक प्रस्तुतियाँ दीं:
बनेटी और लाठी संचालन: युवाओं और बाल कलाकारों ने तेज़ गति से बनेटी घुमाकर और लाठीबाज़ी के बेहतरीन पैंतरे दिखाकर अपनी एकाग्रता और शारीरिक संतुलन का परिचय दिया। तलवारबाज़ी व गदा प्रदर्शन: अनुभवी पहलवानों और उस्तादों ने पारंपरिक तलवारबाज़ी, पट्टाबाज़ी और गदा संचालन के ऐसे हैरतअंगेज़ कारनामे दिखाए कि दर्शक ताली बजाने पर मजबूर हो गए।
अद्भुत तालमेल: अखाड़े के विभिन्न समूहों ने अनुशासित तरीके से सामूहिक प्रस्तुतियाँ दीं, जो भारतीय मल्लविद्या और अखाड़ा संस्कृति के गौरवशाली इतिहास को जीवंत कर रही थीं। अनुशासन और परंपरा की मिसाल
व्यायाम शाला के उस्ताद और संरक्षकों ने बताया कि यह अखाड़ा केवल शारीरिक सौष्ठव और शस्त्र विद्या का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी में अनुशासन, स्वास्थ्य जागरूकता और अपनी सनातन परंपराओं के प्रति सम्मान जगाने का माध्यम है।
कई महीनों की कड़ी मेहनत और अभ्यास के बाद कलाकारों ने अनंत चतुर्दशी के इस विशेष अवसर पर यह शानदार प्रदर्शन दिया। दर्शकों ने तालियों से किया स्वागत
जुलूस मार्ग पर मौजूद गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और आम जनता ने अखाड़े के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उन पर पुष्पवर्षा की।
कई स्थानों पर व्यायाम शाला के उस्तादों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को मंच से साफा बांधकर व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। जगह-जगह मंच पर कलाकारों का स्वागत और साथ ही सभी को प्रोतसाहित भी किया गया है।
कार्यक्रम में उस्ताद प्रभुदयाल टटवाड़े, बलवंत टटवाड़े सहित अन्य वरिष्ठों का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया,
जिनमें मुख्यता शामिल है ब्रजमोहन टटवाड़े, दिलीप टटवाड़े, बबलू टटवाड़े रतन जाटवा, चंदर जारवाल, प्रवीण टटवाड़े (गोलू), ठाकुर गोठवाल वीरू टटवाड़े, लविश जारवाल, विपिन टटवाड़े हर्ष टटवाड़े समीर जारवाल,राजू मेहरा जी, रामप्रसाद राजलवाल जी, योगेश रमनवाल आदि गणमान्य लोग शामिल हुए
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।






