आगर-मालवा। श्रवण एवं वाक् बाधित व्यक्तियों को उनके विधिक अधिकारों, शासन की कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला न्यायालय परिसर में ‘अनुगूंज से उद्घोष’ एक दिवसीय वर्चुअल विधिक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष डीएस चौहान के मार्गदर्शन तथा प्राधिकरण की सचिव अश्विनी सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यशाला में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया।
कार्यशाला में अनुवादक की सहायता से प्रतिभागियों को निःशुल्क विधिक सहायता, पॉक्सो अधिनियम, गुड टच-बैड टच सहित विभिन्न कानूनी विषयों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में 34 श्रवण एवं वाक् बाधित व्यक्तियों का पंजीयन किया गया। इस दौरान ‘मेरी आवाज सुनो’ वीडियो का लॉन्च कर प्रतिभागियों को दिखाया गया।
कार्यक्रम में प्रथम जिला न्यायाधीश नीतिराज सिंह सिसौदिया, द्वितीय जिला न्यायाधीश मधुसूदन जंघेल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अरूण सिंह, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड हेमंत मेहरा, व्यवहार न्यायाधीश प्रियंका चौहान, चेतना बैरागी एवं को-ऑर्डिनेटर नितिन पाटीदार सहित न्यायिक अधिकारी एवं श्रवण-वाक् बाधित व्यक्ति मौजूद रहे।
वर्चुअल कार्यक्रम में न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल, न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, प्रशासनिक एवं कार्यकारी अध्यक्ष, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर तथा मुख्य न्यायाधीश अल्पेश वाई. कोगजे, मुख्य संरक्षक, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट एवं सक्रिय प्रतिभागियों का सम्मान भी किया गया।