गोपालगंज थाना परिसर में 70-80 प्रतिष्ठित नागरिकों एवं व्यापारियों के साथ महत्वपूर्ण समन्वय बैठक

सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 *पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सोलंकी के मार्गदर्शन में जिले में अपराधों की रोकथाम, जनसुरक्षा को मजबूत करने, प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से विशेष सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना गोपालगंज परिसर में महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप द्वारा की गई तथा बैठक का आयोजन थाना प्रभारी गोपालगंज घनश्याम शर्मा द्वारा किया गया। बैठक में थाना क्षेत्र के लगभग 70-80 गणमान्य नागरिक, व्यवसायी एवं विभिन्न प्रतिष्ठानों के संचालक उपस्थित रहे।
इनमें पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी संचालक, सराफा व्यापारी, बैंक प्रबंधक, होटल-लॉज एवं रेस्टोरेंट संचालक, बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालक, स्कूल-कॉलेज के प्राचार्य, कोचिंग सेंटर संचालक तथा वरिष्ठ नागरिक प्रमुख रूप से शामिल रहे। बैठक में सीएसपी ललित कश्यप ने कहा कि अपराध की रोकथाम में पुलिस के साथ-साथ व्यापारियों एवं नागरिकों की सतर्कता और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रत्येक प्रतिष्ठान को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगा, ताकि किसी भी आपराधिक घटना की स्थिति में पुलिस को त्वरित कार्रवाई के लिए आवश्यक साक्ष्य एवं जानकारी उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि CCTV कैमरे और पर्याप्त रोशनी केवल प्रतिष्ठान की सुरक्षा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
सभी व्यापारिक, वित्तीय एवं शैक्षणिक संस्थानों को अपने प्रतिष्ठानों के बाहर हाई-डेफिनिशन एवं नाइट विजन CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से कहा गया कि कैमरों का एंगल केवल दुकान अथवा प्रतिष्ठान के अंदर तक सीमित न हो, बल्कि मुख्य सड़क, प्रवेश एवं निकास द्वार, पार्किंग क्षेत्र, आने-जाने वाले रास्ते, CCTV की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखने तथा कैमरों को 24 घंटे चालू हालत में रखने के निर्देश दिए गए।
पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया कि किसी भी घटना की जांच में CCTV फुटेज अत्यंत महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है, इसलिए कैमरों की गुणवत्ता, एंगल और रिकॉर्डिंग की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। रात्रि के समय अपराध एवं संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम के लिए दुकानों, पेट्रोल पंपों, बैंकों, होटल-ढाबों एवं अन्य संस्थानों के आसपास पर्याप्त एवं प्रभावी प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
प्रतिष्ठानों के सामने तथा आसपास ऐसे स्थानों को चिन्हित कर पर्याप्त LED/फोकस लाइट लगाने को कहा गया, जहां रात के समय अंधेरा रहता है। कोई डार्क स्पॉट नहीं—सुरक्षा में कोई चूक नहीं” की भावना के साथ प्रकाश व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैंक, कोचिंग सेंटर, स्कूल-कॉलेज, बाजार एवं अन्य प्रमुख प्रतिष्ठानों के सामने वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। प्रतिष्ठान संचालकों से कहा गया कि ग्राहकों एवं विद्यार्थियों के वाहनों को निर्धारित एवं व्यवस्थित स्थान पर खड़ा कराने की व्यवस्था करें, ताकि मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित न हो तथा आपात स्थिति में पुलिस एवं एंबुलेंस सहित अन्य सेवाओं की आवाजाही सुचारू बनी रहे।
होटल, लॉज एवं अन्य ठहरने वाले स्थानों के संचालकों को प्रत्येक आगंतुक के पहचान पत्र का उचित सत्यापन करने तथा आवश्यक रिकॉर्ड संधारित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों, सुरक्षा गार्डों एवं किराएदारों का पुलिस चरित्र सत्यापन कराने पर विशेष जोर दिया गया।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नागरिकों से यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की गई। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट, चार पहिया वाहन चालकों एवं यात्रियों को सीट बेल्ट का उपयोग करने तथा किसी भी स्थिति में शराब अथवा नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की सख्त समझाइश दी गई।
प्रतिष्ठान संचालकों से भी कहा गया कि वे अपने कर्मचारियों एवं ग्राहकों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करें। बैठक में बढ़ते डिजिटल एवं वित्तीय अपराधों को देखते हुए साइबर सुरक्षा के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
नागरिकों को बताया गया कि ऑनलाइन फ्रॉड अथवा वित्तीय धोखाधड़ी होने पर बिना समय गंवाए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल कॉल करें तथा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक खाते की जानकारी एवं अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की गई।क्षेत्र में नशाखोरी, अवैध शराब बिक्री, जुआ-सट्टा, असामाजिक तत्वों का जमावड़ा अथवा किसी भी प्रकार की संदिग्ध एवं अवैध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई।
पुलिस द्वारा नागरिकों को विश्वास दिलाया गया कि अवैध गतिविधियों की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इसके लिए पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 7701055235 अथवा संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल सूचना देने की अपील की गई।
बैठक में उपस्थित व्यापारियों, प्रतिष्ठान संचालकों एवं नागरिकों ने पुलिस द्वारा दिए गए सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने तथा अपने-अपने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का आश्वासन दिया। सागर पुलिस द्वारा जिले में पुलिस-जनसंवाद, समन्वय बैठकों, CCTV नेटवर्क के विस्तार, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी तथा सूचना तंत्र को मजबूत करने के माध्यम से अपराध नियंत्रण एवं जनसुरक्षा को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है।
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