बैंक फ्रॉड केस में ईडी का बड़ा एक्शन: रुचि ग्लोबल घोटाले में चार्जशीट दाखिल, 21 आरोपियों को कोर्ट का समन

🔴 तेजकुमार जारवाल
जिला रिपोर्टर | इंदौर
वंदे भारत LIVE TV NEWS
इंदौर (विशेष संवाददाता)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इंदौर ने रुचि ग्लोबल लिमिटेड (वर्तमान नाम मेसर्स एग्रोट्रेड एंटरप्राइजेज लिमिटेड) से जुड़े लगभग ₹66 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट) दाखिल कर दी है। विशेष कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए कंपनी, उद्योगपति उमेश शाहरा, साकेत बरोडिया और आशुतोष मिश्रा सहित कुल 21 व्यक्तिगत व संस्थागत आरोपियों को समन (नोटिस) जारी कर तलब किया है।
फर्जी दस्तावेजों और 'लेटर ऑफ क्रेडिट' के जरिए फर्जीवाड़ा
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि रुचि ग्लोबल लिमिटेड ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) और जम्मू एंड कश्मीर बैंक के कंसोर्टियम (बैंक समूह) से लगभग ₹66 करोड़ की गैर-वित्तीय ऋण सुविधाएं (जैसे लेटर ऑफ क्रेडिट – LC) हासिल की थीं। यह राशि कृषि उत्पादों की खरीद के नाम पर ली गई थी। आरोप है कि फर्जी बिल ऑफ एक्सचेंज और नकली लॉरी रिसीट (फर्जी ट्रांसपोर्ट बिल्टी) के जरिए एलसी भुनाई गई और उस रकम को महज 1 से 3 दिनों के भीतर शेल कंपनियों (फर्जी संस्थाओं) के नेटवर्क के माध्यम से वापस रुचि ग्लोबल के बैंक खातों में डायवर्ट कर दिया गया।
सीबीआई की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी जांच
मामले की शुरुआत सीबीआई (भोपाल) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी। बैंकों के कंसोर्टियम ने सीबीआई में कुल ₹188.35 करोड़ के नुकसान की शिकायत की थी, जिसके आधार पर ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अपनी जांच शुरू की।
पूर्व में नकदी जब्त और करोडों की संपत्ति हो चुकी है कुर्क
इस बहुचर्चित लोन घोटाले में जांच एजेंसी पहले भी सख्त कदम उठा चुकी है:
दिसंबर 2025 में छापे: ईडी ने कंपनी व संबंधित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाकर ₹23.50 लाख की बेहिसाब नकदी जब्त की थी और कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था।
फरवरी 2026 में संपत्ति अटैचमेंट: एजेंसी ने ₹5.13 करोड़ मूल्य की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) किया था। इसमें उमेश शाहरा की पत्नी नीता शाहरा के नाम दर्ज वह जमीन भी शामिल है, जिसे कथित तौर पर बैंक फ्रॉड से जुटाए गए पैसों से खरीदा गया था।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ प्रियो-कॉग्निजेंस सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होगी। जांच एजेंसी का कहना है कि वित्तीय धोखाधड़ी की अन्य कड़ियों और पैसों के ट्रेल (Money Trail) की विस्तृत पड़ताल अभी जारी है।
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