पत्थरों में रंगा अहिंसा का अनोखा संदेश
पिण्डारूच में बच्चों ने लिखी अपनी गलती, कर्मचारियों को दिया धन्यवाद
पिण्डारूच, दरभंगा। केवटी प्रखंड के पिण्डारूच गांव स्थित द्रोण एकेडमी में गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम इस बार बच्चों की अलग-अलग रचनात्मक गतिविधियों के कारण चर्चा में रहा। सामाजिक संस्था मेधा कुञ्ज के तत्वावधान में संचालित विद्यालय में बच्चों ने सत्य, अहिंसा और कृतज्ञता को लेकर कई गतिविधियों में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण तथा पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
‘सत्य की दीवार’ पर बच्चों ने स्वीकार की अपनी भूल
कार्यक्रम में आयोजित ‘सत्य की दीवार’ प्रतियोगिता बच्चों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रही। इस प्रतियोगिता में 20 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता के दौरान बच्चों से अपनी ऐसी गलती लिखने को कहा गया, जिसे उन्होंने पहले किसी दूसरे व्यक्ति के सामने स्वीकार नहीं किया था। विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी गलतियां बोर्ड पर लिखीं।
अपनी भूल को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने के बाद बच्चों ने भविष्य में ऐसी गलतियों को नहीं दोहराने का संकल्प लिया। विद्यालय की ओर से इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों में आत्ममंथन और अपनी गलती स्वीकार करने की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
विद्यालय परिवार के अनुसार, बच्चों के लिए यह गतिविधि सामान्य प्रतियोगिता से अलग अनुभव रही। उन्हें यह समझाने की कोशिश की गई कि गलती होने के बाद उसे छिपाने के बजाय उससे सीख लेना अधिक महत्वपूर्ण है।
अशैक्षणिक कर्मचारियों को सौंपे धन्यवाद कार्ड
कार्यक्रम में ‘थैंक यू कार्ड’ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें 17 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
बच्चों ने अपने हाथों से धन्यवाद कार्ड तैयार किए। इसके बाद विद्यालय के अशैक्षणिक कर्मचारियों को ये कार्ड भेंट किए गए। बच्चों ने विद्यालय के दैनिक कामकाज में कर्मचारियों के योगदान के प्रति आभार जताया।
इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि विद्यालय की व्यवस्था में प्रत्येक कर्मचारी की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बच्चों द्वारा स्वयं तैयार किए गए कार्ड पाकर कर्मचारियों में भी उत्साह देखा गया।
रंग-बिरंगे पत्थरों से दिया अहिंसा का संदेश
‘अहिंसा के पत्थर’ प्रतियोगिता में 15 विद्यार्थियों ने भाग लिया। बच्चों ने सामान्य पत्थरों को रंगों से सजाया और उन्हें पेपरवेट के रूप में तैयार किया।
बाद में विद्यार्थियों ने अपने द्वारा तैयार किए गए पेपरवेट शिक्षकों को उपहार के रूप में दिए। साधारण पत्थरों को रचनात्मक रूप देकर बच्चों ने अहिंसा का संदेश प्रस्तुत किया।
विद्यालय की ओर से आयोजित इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को यह समझाना था कि सत्य और अहिंसा केवल किताबों में पढ़ने वाले विषय नहीं हैं। इन मूल्यों को व्यवहार में भी अपनाया जा सकता है।
अन्नू और राखी ने हासिल किया पहला स्थान
प्रतियोगिताओं के परिणाम की घोषणा भी कार्यक्रम के दौरान की गई। ‘थैंक यू कार्ड’ प्रतियोगिता में अन्नू कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। ‘अहिंसा के पत्थर’ प्रतियोगिता में राखी कुमारी विजेता बनीं।
दोनों प्रतियोगिताओं में कृष्णदेव आजाद उपविजेता रहे।
मेधा कुञ्ज के सचिव एवं द्रोण एकेडमी के निदेशक सह प्रधानाचार्य ज्ञानेश चौधरी ने विजेता विद्यार्थियों के साथ सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किया।
‘फ्रूट डे’ में बच्चों ने एक-दूसरे से साझा किए फल
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में ‘फ्रूट डे’ भी मनाया गया। विद्यार्थी अपने-अपने घरों से फल लेकर विद्यालय पहुंचे।
इसके बाद सभी बच्चों ने एक-दूसरे के साथ फल साझा किए। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों में आपसी सहयोग, साझेदारी और सामूहिकता की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
विद्यालय परिसर में बच्चों ने साथ बैठकर फल खाए। इससे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना रहा।
जयंती समारोह को गतिविधियों से बनाया यादगार
द्रोण एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में गांधी और शास्त्री जयंती को केवल पुष्पांजलि और संबोधन तक सीमित नहीं रखा गया। विद्यार्थियों को सीधे गतिविधियों से जोड़ा गया।
‘सत्य की दीवार’ के माध्यम से बच्चों ने अपनी गलतियों पर विचार किया। ‘थैंक यू कार्ड’ के जरिए उन्होंने विद्यालय के कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। ‘अहिंसा के पत्थर’ गतिविधि में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता के साथ अहिंसा का संदेश दिया। वहीं ‘फ्रूट डे’ में एक-दूसरे के साथ फल साझा कर सामूहिकता की भावना दिखाई।
कार्यक्रम का संचालन मेधा कुञ्ज के सदस्य अनु कुमार दास ने किया। आयोजन की देखरेख विद्यालय के सदस्य कमलेश कुमार ने की।
समापन के अवसर पर विद्यालय के निदेशक सह प्रधानाचार्य ज्ञानेश चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
पिण्डारूच में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों की गतिविधियों ने गांधी और शास्त्री के विचारों को व्यवहार से जोड़ने का प्रयास किया। बच्चों के लिए अपनी गलती स्वीकार करने से लेकर दूसरों के प्रति आभार व्यक्त करने और चीजें साझा करने तक का अनुभव सीख से जुड़ा रहा।
विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में यही संदेश प्रमुख रहा कि सत्य, अहिंसा, सम्मान और कृतज्ञता जैसे मूल्य केवल विशेष अवसरों पर याद करने के लिए नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में अपनाने के लिए हैं।
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