गाजीपुर। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की कथित उदासीनता से परेशान टोडरपुर के ग्रामीणों ने आखिरकार खुद ही सड़क की हालत सुधारने का बीड़ा उठाया।
बारिश के बाद कीचड़ और जलभराव से बदहाल हुए मार्ग पर ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और श्रमदान से राबिस व ईंट के टुकड़े डालकर आवागमन सुचारु कराया। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैकहो लोडर की मदद से सड़क पर जमा कीचड़ हटाया तथा ईंट भट्ठे से राबिस और ईंट के टुकड़े खरीदकर रास्ते पर डलवाए।
इस कार्य में मनिया निवासी दरोगा राय का विशेष सहयोग बताया गया। वीरपुर-पलिया संपर्क मार्ग से मयंकधर राय के निजी नलकूप, टोडरपुर होते हुए मिर्जाबाद के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-31 तक करीब छह किलोमीटर लंबा मार्ग है।
मार्ग के कुछ हिस्सों में दो से तीन किलोमीटर तक सड़क का निर्माण कराया गया है, जबकि कई हिस्से अब भी कच्चे हैं। जगह-जगह बनी सीसी सड़क और खड़ंजा भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
इस मार्ग से स्वामी आत्मानंद इंटर कॉलेज, टोडरपुर में वीरपुर, बंशी, बटवरिया और पलिया बुजुर्ग के छात्र-छात्राएं पढ़ने जाते हैं। खराब सड़क के कारण विद्यार्थियों समेत ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से रास्ता दुरुस्त करने का निर्णय लिया।
श्रमदान के दौरान विक्रमा सिंह यादव, गोपाल जी यादव, दीपक यादव, विवेक कुमार यादव, गोरख यादव, धर्मराज यादव, रमेश यादव और लक्ष्मण यादव सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों की यह पहल जहां सामुदायिक एकजुटता की मिसाल है, वहीं यह जिम्मेदार विभागों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष ग्रामीण सड़क व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।