कांठ के तहसील बार सभागार में हुआ यात्रा से लौटे अधिवक्ताओं का सम्मान

कांठ में राजस्थान से विश्व शांति एवं पर्यावरण जागृति यात्रा पूरी कर लौटे तहसील बार एसोसिएशन कांठ के अधिवक्ता शिष्टमंडल का तहसील बार सभागार में स्वागत किया गया। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों ने अधिवक्ताओं को शॉल ओढ़ाकर और फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया।
शिष्टमंडल पांच से 11 अक्तूबर तक राजस्थान की यात्रा पर रहा। इस दौरान सदस्यों ने बीकानेर जिले के मुक्तिधाम मुकाम में गुरु जम्भेश्वर भगवान के दर्शन कर उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा ली। गुरु जम्भेश्वर भगवान ने अपने 29 नियमों के माध्यम से जीव-जंतुओं की रक्षा, वृक्षों के संरक्षण और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने का संदेश दिया था। यात्रा के दौरान अधिवक्ता खेजड़ली धाम भी पहुंचे। यहां वर्ष 1730 में अमृता देवी बिश्नोई के नेतृत्व में खेजड़ी के वृक्षों की रक्षा के लिए 363 बिश्नोई समाज के लोगों ने बलिदान दिया था। शिष्टमंडल ने उन्हें नमन करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इसके अलावा वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर, मेहंदीपुर बालाजी, खाटू श्याम जी, पुष्कर और सांवरिया सेठ के दर्शन भी किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चरण सिंह ढाका एडवोकेट ने की, जबकि संचालन महासचिव शहजाद रफीक खान एडवोकेट ने किया। अध्यक्ष ने कहा कि अधिवक्ता न्यायिक दायित्वों के साथ सामाजिक जागरूकता, धार्मिक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। महासचिव ने यात्रा को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से आपसी भाईचारे और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा मिलता है। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष नौशाद अहमद एडवोकेट सहित बार के पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे। इस यात्रा में चंद्रपाल सिंह, कोमल सिंह, विजयवीर सिंह, संजीव कुमार, दीपक बिश्नोई और दीप सिंह बिश्नोई एडवोकेट शामिल थे।
Report: Pankaj Kumar, Kanth ✍️
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