बाल गृह एवं जिला कारागृह का सचिव भाटी ने किया निरीक्षण* *निरुद्ध बालकों एवं बंदियों को दी निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी*

*बाल गृह एवं जिला कारागृह का सचिव भाटी ने किया निरीक्षण*
*निरुद्ध बालकों एवं बंदियों को दी निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी*
पाली, 13 अक्टूबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पाली के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह, राजकीय शिशु गृह तथा जिला कारागृह, पाली का आकस्मिक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सचिव भाटी ने बाल गृह में आवासित विधि से संघर्षरत बालकों से संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही आवास, भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता एवं सुरक्षा संबंधी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने संप्रेषण गृह में बालकों से उनके परिजनों से मुलाकात तथा न्यायमित्र द्वारा प्रकरणों की स्थिति से समय-समय पर अवगत कराने के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
सचिव भाटी ने बालकों को शिक्षा एवं कौशल विकास गतिविधियों में नियमित रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश दिया। साथ ही उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक अधिकारों एवं बाल संरक्षण से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने गृहों में आवासित बालकों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श सेवाएं तथा मैत्रीपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त भवन की नियमित साफ-सफाई एवं पालना गृह में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान जिला कारागृह, पाली में कुल 114 बंदी निरुद्ध पाए गए। सचिव भाटी ने बंदियों से संवाद कर भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं एवं साफ-सफाई की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ऐसे बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में बताया, जो निजी अधिवक्ता नियुक्त करने में असमर्थ हैं अथवा विधिक सहायता के अभाव में अधिवक्ता के बिना कारागृह में निरुद्ध हैं।
उन्होंने जमानत स्वीकृत होने के बावजूद कारागृह में निरुद्ध बंदियों के मामलों की स्थिति की जानकारी भी ली तथा बंदियों को उनके प्रकरणों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। नवागंतुक बंदियों से संवाद कर घटना अथवा कथित अपराध के समय उनकी आयु के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि बंदियों की ओपीडी के समय स्वास्थ्य जांच की जाती है तथा आपात स्थिति में उन्हें राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली रेफर किया जाता है।
इस दौरान किशोर न्याय बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट गजेन्द्र कुमार, न्यायमित्र खुमाराम परिहार, समन्वयक कन्हैयालाल सहित संबंधित अधिकारी एवं कारागृह कार्मिक उपस्थित रहे।
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