व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर फर्जी इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग ग्रुप्स के जरिए हो रही धोखाधड़ी से बचाव हेतु एडवाइजरी।

साइबर अपराधियों द्वारा व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से आमजन को ठगने के बढ़ते मामलों को देखते हुए, रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक श्री हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने जिले के नागरिकों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे रातों-रात अमीर बनने का लालच देने वाले किसी भी फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट ग्रुप के झांसे में न आएं।
क्या है ठगों का तरीका:
पुलिस अधीक्षक श्री हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि साइबर ठग लोगों को फंसाने के लिए एक सुनियोजित तरीके से काम करते हैं:
अज्ञात ग्रुप्स में जोड़ना: ठग बिना आपकी अनुमति के आपको व्हाट्सएप या टेलीग्राम के किसी "VIP इन्वेस्टमेंट", "स्टॉक मार्केट टिप्स" या "क्रिप्टो ट्रेडिंग" ग्रुप में जोड़ देते हैं।
फर्जी मुनाफे का दिखावा: इन ग्रुप्स में ठगों के ही अन्य साथी मौजूद होते हैं जो लगातार लाखों रुपये के मुनाफे (Fabricated Profits) के फर्जी स्क्रीनशॉट साझा करते हैं, ताकि लोगों का ब्रेनवॉश किया जा सके और उन्हें यह असली लगे।
शुरुआती छोटा मुनाफा (विश्वास जीतना): जब कोई व्यक्ति इनके झांसे में आकर छोटी रकम निवेश करता है, तो ठग शुरुआत में एक या दो बार अच्छा मुनाफा उसके बैंक खाते में भेज देते हैं। इससे पीड़ित को यह लगने लगता है कि यह स्कीम एकदम असली है।
बड़ी ठगी: जब पीड़ित का विश्वास पूरी तरह से बन जाता है, तब वह अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई या लाखों रुपये निवेश कर देता है। इसके बाद न तो उन्हें कोई मुनाफा मिलता है और न ही मूल रकम। पैसे वापस मांगने पर ठग टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या पेनल्टी के नाम पर और पैसों की मांग करते हैं और अंततः नंबर ब्लॉक करके गायब हो जाते हैं।
बचाव के उपाय (एसपी रेवाड़ी की अपील):
एसपी रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
अनजान ग्रुप्स से तुरंत बाहर निकलें: यदि आपको किसी अनजान व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया है जो शेयर बाजार, ट्रेडिंग या निवेश से संबंधित है, तो तुरंत उस ग्रुप को 'Report and Exit' करें।
व्हाट्सएप प्राइवेसी सेटिंग बदलें: अपने व्हाट्सएप की सेटिंग में जाकर 'Groups' के विकल्प को 'Everyone' से हटाकर 'My Contacts' पर सेट करें, ताकि कोई भी अनजान व्यक्ति आपको ग्रुप में न जोड़ सके।
गारंटीड रिटर्न से सावधान: शेयर बाजार में गारंटीड और भारी मुनाफे का दावा करने वाली सभी स्कीमें फर्जी होती हैं। केवल SEBI (सेबी) द्वारा पंजीकृत और प्रमाणित ब्रोकर्स के माध्यम से ही निवेश करें।
फर्जी ऐप्स से बचें: किसी अनजान लिंक पर क्लिक करके कोई भी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड न करें और न ही किसी व्यक्तिगत बैंक खाते या UPI आईडी पर पैसे ट्रांसफर करें।
धोखाधड़ी होने पर क्या करें:
यदि दुर्भाग्यवश आपके साथ साइबर ठगी हो जाती है, तो बिना समय गंवाए तुरंत निम्नलिखित कदम उठाएं:
राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
भारत सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
तुरंत अपने नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन (Cyber Police Station) जाकर अपनी शिकायत दें। "गोल्डन ऑवर" (ठगी होने के तुरंत बाद का समय) में शिकायत करने से आपके पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
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