जिला रिपोर्टर सुरेश चौहान आगर मालवा मध्य प्रदेश अशोक विजयादशमी पर गूंजा धम्म का संदेश, बुद्ध और अंबेडकर के विचारों को अपनाने का आह्वान आगर-मालवा में राष्ट्रीय बौद्ध महासभा के आयोजन

आगर-मालवा। अशोक विजयादशमी एवं धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस के अवसर पर आगर-मालवा में भगवान तथागत गौतम बुद्ध और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को आत्मसात करने का संदेश गूंजा। राष्ट्रीय बौद्ध महासभा की जिला शाखा की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में वक्ताओं ने अहिंसा, करुणा, समानता और शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का आधार बताते हुए शिक्षित एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत बंजारिया हाउस स्थित बुद्ध विहार में भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष बुद्ध वंदना, त्रिशरण एवं पंचशील के पाठ से हुई। इसके बाद नरवल रोड स्थित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विचार संगोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान महिला उपासिकाओं कमला देवी सिंह एवं कृष्णा मेवाड़ा का स्वागत किया गया।
कलिंग युद्ध से धम्म विजय तक का संदेश
महासभा के जिला अध्यक्ष के.के. बौद्ध ने कहा कि कलिंग युद्ध के भीषण रक्तपात से आहत सम्राट अशोक ने हिंसा का मार्ग छोड़कर भगवान बुद्ध के अहिंसा और करुणा आधारित धम्म को अपनाया। अशोक विजयादशमी इसी ऐतिहासिक परिवर्तन की स्मृति से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1956 में इसी दिन डॉ. भीमराव अंबेडकर ने नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा लेकर सामाजिक परिवर्तन का ऐतिहासिक अध्याय रचा था।
बुद्ध के विचारों में मानव कल्याण का मार्ग
उज्जैन संभाग अध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह बौद्ध ने वंदना एवं पंचशील का पाठ करवाते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के सिद्धांत मानव समाज के साथ समस्त जीव-जंतुओं के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उनके विचारों को जीवन में अपनाकर समाज में शांति, अहिंसा और समानता की भावना मजबूत की जा सकती है।
वरिष्ठ समाजसेवी कैलाश मालवीय ने सम्राट अशोक की धम्म विजय की अवधारणा का उल्लेख करते हुए महापुरुषों के ऐतिहासिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
शिक्षा, सामाजिक न्याय और नशामुक्ति पर जोर
अजाक्स जिला अध्यक्ष कैलाश सूर्यवंशी ने कहा कि समाज को शिक्षित एवं नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। अंबेडकरवादी राधेश्याम मेवाड़ा ने संविधान में निहित सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के महत्व पर विचार रखे।
हाईकोर्ट अधिवक्ता नारायण सिंह बोडाना ने अशोक विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। जयस संगठन के संभागीय उपाध्यक्ष डॉ. रामेश्वर मंडलोई और धम्म प्रेमी हरिनारायण परमार ने भी भगवान बुद्ध के सिद्धांतों तथा महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतारने की अपील की।
समाजजनों ने लिया विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम में मालवा जनशक्ति वेलफेयर संगठन के संस्थापक अशोक मालवीय, डॉ जगदीश मालवीय, सुरेश चौहान,एडवोकेट दीपक बंजारिया, उत्तम सिंह, कुणाल बंजारिया, बेबी आरोही सिलेरियो सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। वक्ताओं ने सामाजिक समानता, शिक्षा, अहिंसा और मानव कल्याण के मूल्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने पर जोर दिया।
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