जिला रिपोर्टर सुरेश चौहान आगर मालवा मध्य प्रदेश जलाशयों में घटा पानी, अब कम सिंचाई वाली फसलों पर जोर कलेक्टर डॉ. मीना के निर्देश—पेयजल संकट वाले गांवों की पहचान कर बनाएं वैकल्पिक क

आगर-मालवा। जिले में कम बारिश का असर अब सिंचाई जलाशयों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। पिछले साल की तुलना में इस बार जलाशयों में पानी का भराव कम होने से रबी फसलों की सिंचाई और आगामी गर्मी में पेयजल व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने किसानों को चना और सरसों जैसी कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलें अपनाने के लिए प्रेरित करने तथा संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए अभी से ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सिंचाई के पानी का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए। नहरों की सफाई, मरम्मत और रखरखाव समय पर किया जाए, ताकि पानी का अपव्यय न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में पेयजल संकट की आशंका वाले गांवों को चिह्नित कर वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
*55 जल योजनाओं में 68.83 प्रतिशत जलभराव*
बैठक में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री अनमोल टोप्पो ने बताया कि जिले में तीन मध्यम, 37 लघु सिंचाई योजनाओं तथा 15 स्टॉप डेम एवं बैराज सहित कुल 55 जल योजनाएं हैं। इस वर्ष 25 सितंबर की स्थिति में इन योजनाओं में 167.81 मिलियन घन मीटर के मुकाबले केवल 115.51 मिलियन घन मीटर जीवित जलभराव हुआ है। यह कुल क्षमता का 68.83 प्रतिशत है।
गत वर्ष रबी सीजन में इन योजनाओं से 26,747 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 29,010 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की गई थी। इस बार पानी की उपलब्धता को देखते हुए 17,831 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए जलप्रदाय प्रस्तावित किया गया है।
*बड़ौद में गर्मियों में पेयजल संकट की आशंका*
जल संसाधन विभाग ने बताया कि टिल्लर डेम में इस वर्ष अपेक्षाकृत कम जलभराव हुआ है। हालांकि, आगर विकासखंड में पेयजल की समस्या होने की आशंका नहीं है, लेकिन किसानों को नहरों के माध्यम से एक-दो बार ही सिंचाई के लिए पानी दिया जा सकेगा। वहीं, अल्पवर्षा के कारण बड़ौद क्षेत्र में आगामी गर्मी के दौरान पेयजल संकट की आशंका जताई गई है।
इस पर कलेक्टर ने जनपद पंचायत सीईओ बड़ौद अमृत सिसौदिया को ग्रामवार पेयजल संकट का आकलन कर समाधान की कार्ययोजना एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को भी संकट संभावित गांवों की पहचान कर वैकल्पिक जलापूर्ति योजना तैयार करने को कहा गया। नगर पालिका आगर के सीएमओ को चिह्नित नए ट्रेचिंग ग्राउंड पर तत्काल काम शुरू कराने के निर्देश भी दिए गए।
*डेम निर्माण और स्थायी पेयजल समाधान पर जोर*
विधायक माधव सिंह 'मधु' गेहलोत ने आहू डेम से प्रभावित चार गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया जल्द पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराने तथा भीमपुरा और हड़ाई डेम के भूमि मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने का सुझाव दिया।
सांसद प्रतिनिधि दिनेश परमार ने बड़ौद क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए नजदीकी डेम से पाइपलाइन बिछाने और कुंडालिया डेम की पाइपलाइन से बड़ौद को थोक में पानी उपलब्ध कराने का सुझाव रखा। समिति सदस्यों ने जलाशयों में कम पानी को देखते हुए सिंचाई के लिए अवैध जल दोहन पर प्रभावी रोक लगाने की जरूरत भी बताई, ताकि पेयजल के लिए पर्याप्त पानी सुरक्षित रखा जा सके।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य मुकेश केलकर, महेश गुर्जर, अंतर सिंह, एसडीएम कमल मंडलोई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनपद पंचायतों के सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ उपस्थित रहे।
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