सामाजिक सहभागिता, जैविक खेती, दस्तावेजीकरण और संवाद कौशल पर दिया प्रशिक्षण; प्रमाण पत्र वितरित कर प्रतिभागियों को किया प्रोत्साहित*

Lआगर मालवा।मारूबर्डिया, 24 अक्टूबर। ग्रामीण विकास को गति देने और ग्राम स्तर पर सामाजिक संगठनों की कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के अंतर्गत ग्राम मारूबर्डिया में शक्ति संचय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विकासखंड बड़ौद के सेक्टर क्रमांक-05 गंगापुर की नवांकुर संस्था ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति लाला के तत्वावधान में हुए इस प्रशिक्षण में विभिन्न ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण में सामाजिक विकास, संगठनात्मक मजबूती, जैविक खेती, दस्तावेजीकरण और प्रभावी संवाद सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी देकर प्रतिभागियों को ग्रामीण विकास के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक चले प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने अलग-अलग सत्रों के माध्यम से समितियों की जिम्मेदारियों, कार्यप्रणाली और जनभागीदारी के महत्व को समझाया।
*जनभागीदारी से ही संभव है गांवों का विकास*
प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में ब्लॉक समन्वयक मदन लाल मालवीय ने मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और ग्रामीण विकास में जनभागीदारी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांवों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता जरूरी है। ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियां जनजागरण और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
*दस्तावेजीकरण के साथ जैविक खेती पर जोर*
द्वितीय सत्र में परामर्शदाता नारायण सिंह आंजना ने दस्तावेजीकरण एवं जैविक खेती के संबंध में प्रशिक्षण दिया। उन्होंने समितियों की बैठकों, सामाजिक गतिविधियों और जनकल्याणकारी अभियानों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि नियमित दस्तावेजीकरण से कार्यों में पारदर्शिता बनी रहती है तथा भविष्य की योजनाओं को तैयार करने में भी मदद मिलती है। साथ ही जैविक खेती के महत्व और ग्रामीण क्षेत्रों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
*संवाद कौशल से मजबूत होगा सामाजिक समन्वय*
अगले सत्र में नवांकुर संस्था के उपाध्यक्ष गोरखनाथ ने प्रस्फुटन समितियों को स्वयंसेवी संगठन के रूप में विकसित करने, संवाद कौशल और तकनीकी विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण समुदाय के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने, प्रभावी जनसंपर्क करने और सामाजिक गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से संचालित करने के बारे में समझाया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को गांवों में विकासात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने और समितियों की सक्रियता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
*प्रमाण पत्र वितरण के साथ समापन*
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। नवांकुर संस्था की ओर से अतिथियों, प्रशिक्षकों और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इसके बाद सामूहिक भोजन का आयोजन हुआ।
शक्ति संचय प्रशिक्षण कार्यक्रम ने ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों को अपने अनुभव साझा करने, नई जानकारियां प्राप्त करने और ग्रामीण विकास के लिए संगठनात्मक क्षमता मजबूत करने का अवसर प्रदान किया।
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