,पेटलावद में लाखों की डायलिसिस मशीन 4 माह से बंद 35 से अधिक मरीज परेशान, आखिर कब शुरू होगी सुविधा

,पेटलावद में लाखों की डायलिसिस मशीन 4 माह से बंद
35 से अधिक मरीज परेशान, आखिर कब शुरू होगी सुविधा?
सत्ता एक्सप्रेस झाबुआ जिला ब्यूरो सुरेश परिहार।
मंत्री निर्मला भूरिया बोलीं—कुछ पार्ट्स आना बाकी, टेंडर प्रक्रिया जारी;
बीएमओ को अगले 1-2 माह में सुविधा शुरू होने की उम्मीद
पेटलावद (झाबुआ)। मध्य प्रदेश शासन की कैबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के विधानसभा क्षेत्र पेटलावद के सिविल अस्पताल में डायलिसिस सुविधा शुरू नहीं होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, अस्पताल में डायलिसिस मशीन आए करीब 3 से 4 माह हो चुके हैं, लेकिन अब तक इसे मरीजों के लिए शुरू नहीं किया जा सका है। ऐसे में जरूरतमंद मरीजों को इस सुविधा का लाभ मिलने का इंतजार है।
लाखों की मशीन, लेकिन मरीजों को इंतजार
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में डायलिसिस मशीन उपलब्ध होने के बावजूद आवश्यक उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं के अभाव में सेवा शुरू नहीं हो पाई है। मशीन की खरीद लागत और स्थापना से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इसकी वास्तविक कीमत स्पष्ट हो सकेगी।
सरकार की डायलिसिस संबंधी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को उपचार उपलब्ध कराना है। ऐसे में पेटलावद में यह सुविधा शुरू होने से क्षेत्र के किडनी रोगियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
35 से अधिक मरीजों को परेशानी, दूसरे शहरों के लगाने पड़ रहे चक्कर
सूत्रों के अनुसार, पेटलावद क्षेत्र में 35 से अधिक ऐसे मरीज हैं, जिन्हें नियमित रूप से डायलिसिस की आवश्यकता पड़ती है। स्थानीय अस्पताल में सुविधा शुरू नहीं होने के कारण मरीजों को झाबुआ, रतलाम और इंदौर जैसे शहरों का रुख करना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों में डायलिसिस कराने पर मरीजों को उपचार के साथ आने-जाने का खर्च भी उठाना पड़ता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
मशीन शुरू होने से मरीजों को मिल सकती है बड़ी राहत
यदि पेटलावद सिविल अस्पताल में डायलिसिस सुविधा शुरू हो जाती है, तो क्षेत्र के मरीजों को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। मरीजों को सरकारी योजना के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी। मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों में बार-बार जाने की परेशानी कम होगी और यात्रा पर होने वाला खर्च भी बचेगा। डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों को निर्धारित समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत, फिर भी समाधान का इंतजार
इस मामले में बाबा श्याम भक्त एवं भारतीय जनता पार्टी के मंडल उपाध्यक्ष सुमन सोलंकी द्वारा सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है। शिकायत के बावजूद मशीन शुरू नहीं होने को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब अस्पताल में मशीन उपलब्ध है, तो आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर मरीजों को सुविधा क्यों नहीं दी जा रही है?
मंत्री निर्मला भूरिया ने क्या कहा?
इस संबंध मे कैबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि "मशीन के कुछ पार्ट्स आना बाकी हैं। उसके लिए टेंडर की प्रक्रिया जारी है। मैं जल्द से जल्द सुविधा शुरू कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय और सरकार से लगातार संपर्क में हूं।"
वहीं पेटलावद सिविल अस्पताल के बीएमओ अंतिम सोलंकी ने बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी 1 से 2 माह में डायलिसिस सुविधा शुरू हो सकती है।
अब सवाल—मरीजों को कब मिलेगी राहत?
पेटलावद सिविल अस्पताल में डायलिसिस मशीन उपलब्ध होने के बावजूद सेवा शुरू नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को इंतजार करना पड़ रहा है। मंत्री ने आवश्यक पार्ट्स और टेंडर प्रक्रिया का हवाला दिया है, जबकि बीएमओ ने अगले एक से दो माह में सुविधा शुरू होने की उम्मीद जताई है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग लंबित प्रक्रियाओं को कितनी जल्दी पूरा करता है और पेटलावद के मरीजों को स्थानीय स्तर पर डायलिसिस की सुविधा कब तक मिल पाती है।
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