किसानों की आय बढ़ाने फसल विविधीकरण और उच्च मूल्य वाली खेती को दें बढ़ावा :- कलेक्टर

किसानों की आय बढ़ाने फसल विविधीकरण और उच्च मूल्य वाली खेती को दें बढ़ावा :- कलेक्टर
खाद-बीज की उपलब्धता से लेकर कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन तक बरतें गंभीरता
सिंगरौली : कलेक्टर अंकित अस्थाना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एपीसी बैठक की समीक्षा की गई। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं, लक्ष्यों और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में वृद्धि के लिए फसल विविधीकरण को प्राथमिकता दें। जिले में फसलों के रकबे, उत्पादन एवं उत्पादकता का आकलन कर किसानों को परंपरागत फसलों के साथ लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित हो तथा इनकी गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए। उर्वरकों के अवैध भंडारण, कालाबाजारी एवं अनियमित वितरण पर प्रभावी कार्यवाही करें। अनियमितता पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराने और संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिकाधिक किसानों को शामिल करने तथा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के प्रकरणों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। नरवाई प्रबंधन को लेकर किसानों को जागरूक करने तथा हैप्पी सीडर, सुपर सीडर एवं रिपर जैसे कृषि यंत्रों के उपयोग के लिए प्रेरित करने को कहा, ताकि पराली जलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगे और मिट्टी की उर्वरता बनी रहे। कलेक्टर ने कृषि उपज मंडी समिति के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मंडी परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही शासन की हितग्राहीमूलक योजनाओं का पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करें, ताकि योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक समय पर पहुंच सके।कलेक्टर ने अगले वर्ष प्रारंभ होने वाली प्रेशराइज्ड सिंचाई प्रणाली की तैयारियां अभी से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को इस प्रणाली के लाभों की जानकारी देकर अधिकाधिक हितग्राहियों को योजना से जोड़ें। इससे सिंचाई संसाधनों का बेहतर उपयोग और उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा। उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने फल, मसाला, सब्जी एवं फूलों की खेती के लिए नए क्लस्टर विकसित करने की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही उच्च मूल्य वाली उद्यानिकी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए पात्र हितग्राहियों को प्रोत्साहित कर योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कवच योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा किसानों एवं ग्रामीणों को इसके लाभों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुग्ध समितियों एवं उनके सभी सदस्यों के सहकारी बैंकों में शत-प्रतिशत खाते खुलवाने पर जोर दिया। योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए गांवों में दीवार लेखन कराने तथा जागरूकता शिविर आयोजित कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश भी दिए।
मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने जलाशयों में केज कल्चर को बढ़ावा देने के लिए संभावित हितग्राहियों का चिन्हांकन करने तथा उन्हें निर्धारित योजना के तहत लाभान्वित करने को कहा। उन्होंने मत्स्य पालन की संभावनाओं का बेहतर उपयोग कर ग्रामीणों की आय बढ़ाने पर जोर दिया। पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने उच्च नस्ल के पशुओं के पालन एवं संवर्धन को प्रोत्साहित करने तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चलित पशु चिकित्सा इकाइयों की एम्बुलेंस जरूरतमंद पशुपालकों को समय पर उपलब्ध कराने तथा पशुओं का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने सभी विभागों को योजनावार निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने, पात्र हितग्राहियों का समय पर चयन करने तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में उप संचालक कृषि मनोज सिंह, उप संचालक उद्यानिकी एच.एल. निमोरिया, उपायुक्त सहकारिता पी.के. मिश्रा तथा उप संचालक मत्स्य विभाग मनोज अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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