जिला रिपोर्टर सुरेश चौहान आगर मालवा मध्य प्रदेश सुरक्षित बचपन अभियान का समापन, 300 से अधिक विद्यार्थियों को बताए बाल अधिकारों के कानूनी प्रावधान बड़ौद के सांदीपनि विद्यालय में विधि

आगर-मालवा, 06 नवंबर।** बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और बाल विवाह, बाल शोषण सहित विभिन्न सामाजिक कुरीतियों से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से जिले में संचालित सुरक्षित बचपन अभियान का गुरुवार को समापन हुआ। अभियान के अंतिम दिन बड़ौद स्थित सांदीपनि विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें 300 से अधिक विद्यार्थियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहभागिता की।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार 1 से 6 नवंबर तक आयोजित इस अभियान का संचालन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष डी.एस. चौहान के निर्देशन तथा प्राधिकरण के सचिव एवं जिला न्यायाधीश सुरेन्द्र सिंह गुर्जर के मार्गदर्शन में किया गया।
अभियान के तहत 2 नवंबर को सांदीपनि विद्यालय आगर में शिविर आयोजित किया गया था। इसके बाद सांदीपनि विद्यालय नलखेड़ा एवं सुसनेर में तहसील विधिक सेवा समितियों द्वारा विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
**बाल विवाह रोकने के कानूनी प्रावधान बताए**
बड़ौद में आयोजित समापन शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं जिला न्यायाधीश सुरेन्द्र सिंह गुर्जर ने विद्यार्थियों को सुरक्षित बचपन, बाल अधिकारों की सुरक्षा और कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, मोटर व्हीकल अधिनियम एवं बाल अधिकारों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
ग्रामीण क्षेत्र में बाल विवाह की समस्या को देखते हुए उन्होंने इसके कानूनी प्रावधानों, दुष्परिणामों और इसे रोकने के उपायों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के बाल शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने के बजाय आवाज उठाने और संबंधित अधिकारियों तक सूचना पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
**हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी**
शिविर में विद्यार्थियों को 'बोलो-बताओ-बचाओ', 'कानून जानो-बचपन जानो', 'ना बाल विवाह-ना बाल शोषण' और 'सुरक्षित क्लिक-सुरक्षित बचपन' जैसे विषयों के माध्यम से जागरूक किया गया। साथ ही नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 एवं चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की उपयोगिता बताई गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटर के अधिकारियों ने केंद्र की कार्यप्रणाली और जरूरतमंद महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विद्यालय प्राचार्य अनिल सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं, विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी एवं वॉलंटियर्स उपस्थित रहे। जिला न्यायाधीश गुर्जर ने विद्यार्थियों से सवाल-जवाब कर उनकी समझ परखी। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक उत्तर दिए। अभियान के समापन पर विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार प्रदान किए गए।
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