मथुरा से पधारे प्रख्यात कथा वाचक विजय कौशल जी महाराज ने अपनी ओजस्वी वाणी से भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र, त्याग, मर्यादा और आदर्शों का वर्णन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान पूरा पंडाल भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंजता रहा। विशाल पंडाल में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
सात दिवसीय श्रीराम कथा के समापन अवसर पर हवन-पूजन के साथ विशाल भंडारे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ने भी पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं, आयोजित विशाल भंडारे में करीब आठ हजार लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजनकर्ता जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र सिंह ने बताया कि वह प्रत्येक वर्ष अपने पिता स्वर्गीय बलराम सिंह की स्मृति में श्रीराम कथा का आयोजन कराते हैं। उनका उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में भगवान श्रीराम के आदर्शों, संस्कारों और मर्यादित जीवन का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मकसद शक्ति प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि समाज के लोगों को आपस में जोड़कर रखना है। पिछले कई वर्षों से यह परंपरा लगातार निभाई जा रही है। फिलहाल, सेमरहना गांव में सात दिनों तक चली श्रीराम कथा का समापन भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक एकता के संदेश के साथ हुआ। विशाल भंडारे में हजारों लोगों की सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया।