
जबलपुर/नरसिंहपुर।
मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के बहुचर्चित हाथीनाला कांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए इसे सड़क हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या की साजिश बताया है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम का सूत्रधार जबलपुर के मदन महल स्थित स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल का संचालक डॉ. अमित खरे है, जिसे अन्य सात आरोपियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस का कहना है कि यह पूरी वारदात अचानक नहीं हुई, बल्कि करीब एक महीने पहले इसकी योजना बनाई गई थी, ताकि हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देकर सभी आरोपी कानून की गिरफ्त से बच सकें। पुलिस की जांच में तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा होने का दावा किया गया है।
कौन है डॉ. अमित खरे?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी डॉ. अमित खरे जबलपुर के मदन महल क्षेत्र में स्थित स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल का संचालक है। जांच एजेंसियों के अनुसार उसका नाम पहले भी कई विवादित मामलों में सामने आ चुका है। उपलब्ध न्यायालयी रिकॉर्ड के अनुसार वह एक पूर्व चर्चित मामले में दोषसिद्ध होकर सजा भी काट चुका है। इसके अतिरिक्त उस पर पहले भी विभिन्न मामलों में पुलिस कार्रवाई होने की जानकारी सामने आई है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
पुलिस जांच के अनुसार मुख्य मृतक राजेंद्र लोधी और डॉ. अमित खरे के बीच लंबे समय से आर्थिक लेन-देन तथा कथित मेडिको-लीगल (MLC) मामलों को लेकर विवाद चल रहा था।
जांच में पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच विवाद लगातार बढ़ता गया और इसी दौरान कथित रूप से ब्लैकमेलिंग तथा पैसों की मांग को लेकर तनाव गहरा गया। पुलिस के अनुसार इसी विवाद ने बाद में कथित हत्या की साजिश का रूप ले लिया।
एक महीने पहले रची गई कथित साजिश
नरसिंहपुर पुलिस के अनुसार डॉ. अमित खरे ने अपने पुराने विवाद को समाप्त करने के उद्देश्य से स्थानीय बदमाश आनंद राजपूत से संपर्क किया।
पुलिस का दावा है कि आनंद राजपूत की भी मृतक राजेंद्र लोधी से रेत कारोबार को लेकर पुरानी रंजिश थी। इसी वजह से दोनों पक्ष एक साथ आए और लगभग एक महीने पहले कथित रूप से हत्या की पूरी योजना तैयार की गई।
जांच के अनुसार योजना यह थी कि हत्या को इस तरह अंजाम दिया जाए कि वह सामान्य सड़क दुर्घटना प्रतीत हो।
वारदात वाले दिन क्या हुआ?
पुलिस जांच के अनुसार घटना वाले दिन आरोपियों को सूचना मिली कि राजेंद्र लोधी अपने साथियों के साथ सुआतला क्षेत्र स्थित हाथीनाला वॉटरफॉल घूमने आया है।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पूरे रास्ते में निगरानी के लिए अपने लोगों को तैनात किया।
शाम के समय हाथीनाला के पास कथित रूप से मृतकों के साथ मारपीट की गई। इसके बाद रात में जब घायल युवक राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे खड़े थे, तभी दो हाईवा वाहनों से उन्हें टक्कर मारी गई।
इस घटना में राजेंद्र लोधी, वीरेंद्र, रामपाल, जयपाल सहित पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि आकाश और नीरज गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे की कहानी पर पुलिस को कैसे हुआ शक?
शुरुआत में इस पूरे मामले को सड़क दुर्घट
ना माना जा रहा था।
लेकिन पुलिस के अनुसार घटनास्थल से मिले कुछ भौतिक साक्ष्यों ने जांच की दिशा बदल दी।
वैज्ञानिक जांच के दौरान वाहन के टूटे हुए हिस्से, घटनास्थल की परिस्थितियां तथा अन्य तकनीकी साक्ष्य सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की दोबारा जांच शुरू की।
CDR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले कई राज
पुलिस के अनुसार मामले की जांच के दौरान मृतकों और संदिग्धों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का विश्लेषण किया गया।
जांच में कथित रूप से आरोपियों के बीच ल
गातार संपर्क के प्रमाण मिले।
इसी दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दुर्घटना से पहले मारपीट के संकेत मिलने का पुलिस ने दावा किया।
पुलिस का कहना है कि तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि मामला सामान्य सड़क दुर्घटना का नहीं बल्कि पूर्व नियोजित आपराधिक साजिश का हो सकता है।
8 आरोपी गिरफ्तार
नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता में बताया कि मामले में निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है—
- डॉ. अमित खरे
- राजा पटेल
- अनुज ठाकुर
- आनंद लोधी
- भारत सिंह
- अनिल पटेल
- अरविंद्र लोधी
- नरेंद्र सिंह
पुलिस के अनुसार तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में यदि और साक्ष्य सामने आते हैं तो अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हाथीनाला कांड
इस खुलासे के बाद नरसिंहपुर से लेकर जबलपुर तक यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस के अनुसार जिस घटना को पहले सड़क हादसा समझा जा रहा था, अब उसी मामले में हत्या की सुनियोजित साजिश की जांच की जा रही है।













