A2Z सभी खबर सभी जिले कीछत्तीसगढ़

महिला के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा एवं जुर्माना

 

IMG 20260729 142051

महिला के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा एवं जुर्माना

 

सक्ती समाचार -अभियोजन का प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 26/01/2025 को लकेश्वर सिदार द्वारा थाना सक्ती में सूचना दी गयी कि ग्राम जाजंग के भाठापारा में बाबूलाल सिदार के घर की बाड़ी के पैरावट के पास एक महिला की लाश पड़ी है जिस पर घटनास्थल पहुंच कर मर्ग क्र. 0/2025 धारा 194 BNSS कायम कर जांच प्रारंभ किया गया। मर्ग जांच के दौरान पटनास्थल एवं शव का निरीक्षण मृतिका के परिजनों एवं गवाहों के कथन एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर आरोपी रेशम लाल सिदार ‌द्वारा अपनी प्रेमिका मृतिका ममता सिदार की हत्या कारित करना प्रथम दृष्ट्या पाये जाने से उसके विरुद्ध अपराध क्र. 33/2025 अंतर्गत धारा 103 (1) BNS के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान गवाहों के कथन लिये जाने पर जात हुआ कि आरोपी ने अपने साथी रामेश्वर पटेल को बताया था कि घटना दिनांक को वह अपनी प्रेमिका मृतिका के बुलाने पर उसके घर गया था और दोनो की सहमति से उनके मध्य शारीरिक संबंध स्थापित हुये थे। मृतिका ममता सिदार मोबाईल से गवाह मुकेश उर्फ दादू से बात करते हुये सीढ़ी से नीचे गिरी जिससे उसके माथे में चोट आयी थी। फिर मृतिका के कहने पर आरोपी उसके घर की बाड़ी की दीवाल को फांदकर बाबूलाल सिदार की बाड़ी में पहुंचा। आरोपी के पीछे मृतिका ममता सिदार भी दीवाल को फांदकर आ गई। बाबूलाल के बाड़ी में फिर से दोनों ने शारीरिक संबंध बनाये, इसी बीच आरोपी एवं मृतिका के मध्य मुकेश उर्फ दादू को छोड़ने की बात को लेकर विवाद के दौरान मृतिका ने गुस्से में आकर आरोपी के गले एवं गाल को नाखून से नोचकर तीन चार तमाचे मारी तो आरोपी गुस्से में आकर मृतिका ममता कुमारी सिदार के गले को दबा दिया जिससे उसकी मृत्यु हो गयी। विवेचना के दौरान घटनास्थल का मौका नक्शा तैयार किया गया। गवाहों के कथन लेखबद्ध किये गये तथा जप्ती पत्रक के अनुसार जप्ती की कार्यवाही की गयी। पटवारी नक्शा तैयार कराया गया। अपराध सबूत पाये जाने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया। अभियोजन की ओर से विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध प्रथम दृष्ट्या अपराध में संलिप्त होना पाये जाने पर विवेचना उपरांत धारा 103 (1) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सक्ती के न्यायालय में पेश किया गया जहां से कार्य विभाजन आदेशानुसार यह प्रकरण प्रथम अपर सत्र न्यायालय सक्ती में पेश किया गया।

 

प्रकरण में अभियोग पत्र माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायालय सक्ती में पेश किया गया। अभियोजन द्वारा अपने पक्ष में 17 अभियोजन साक्षियों का कथन कराया गया संपूर्ण अभियोजन साक्षियो के कथन उपरांत प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सक्ती श्री प्रशान्त कुमार शिवहरे ने अपने निर्णय दिनांक 2807.2026 को आरोपी रेशमलाल सिदार पिता धनेश्वर प्रसाद सिदार साकिन भांठापारा जाजंग थाना सक्ती को मान्यायसं की धारा 103 (1) के अपराध में दोषसिध्द पाते हुये आजीवन कारावास की सजा एवं रूपये 1000 के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है अर्थदण्ड की राशि के व्यतिक्रम किये जाने की दशा में आरोपी को 06 माह अतिरिक्त सश्रम कारावास पृथक से भुगताया जाये अभियोजन पक्ष की ओर से उदय कुमार वर्मा अतिरिक्त लोक अभियोजक सक्ती ने पैरवी किया।

IMG 20260729 142051

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!