पुल पर पानी का कब्जा, थम गई लोगों की राह।।

पुल पर पानी का कब्जा, थम गई लोगों की राह।।
"आठ महीने से अधूरा है पुल निर्माण, तेज बहाव के बीच स्कूल जा रहे बच्चे; घरों में घुस चुका है पानी"
रिपोर्टर/राशीद अंसारी
खलारी। खलारी प्रखंड स्थित बाजारटांड़ में निर्माणाधीन पुल ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। लगातार हो रही बारिश के बाद पुल के पास पानी का तेज बहाव शुरू हो गया है। इससे बाजारटांड़ से केडी मार्केट तक आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। रोजाना पांच से सात स्कूलों में जाने वाले बच्चों को इसी जोखिम भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। पानी का बहाव इतना तेज है कि कभी भी हादसा हो सकता है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विधायक प्रतिनिधि मोनू रजक खुद मौके पर पहुंचकर उन्हें पानी के बीच से सुरक्षित रास्ता पार करा रहे हैं।
"बारिश ने खोली निर्माण की पोल"
बताया जाता है कि सात तारीख की रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद बाजारटांड़ में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। यहां गोदावरी कंस्ट्रक्शन द्वारा पुल का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण के दौरान बनाया गया मिट्टी का डायवर्सन बारिश के पानी में बह गया। इससे पानी की निकासी बाधित हो गई और देखते ही देखते आसपास के करीब 10 घरों में पानी घुस गया। कई घरों में करीब चार फीट तक पानी भर गया था।
पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी है। पुल के आसपास पानी का तेज बहाव होने से बाजारटांड़ और केडी मार्केट के बीच आवाजाही मुश्किल हो गई है। वहीं, पुल के पास निर्माण सामग्री और मलबा पड़े रहने से पानी की निकासी भी प्रभावित हो रही है।
"आठ महीने बाद भी अधूरा है काम"
विधायक प्रतिनिधि मोनू रजक ने निर्माण एजेंसी पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान पुल का काम शुरू कराया गया था, लेकिन निर्माण के लिए बनाया गया डायवर्सन समय पर नहीं हटाया गया। बारिश के दौरान यही डायवर्सन ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गया। पानी की निकासी बाधित होने से खेतों और घरों में पानी घुस गया।
उन्होंने कहा कि आठ महीने बीत जाने के बाद भी पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। इससे निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि काम योजनाबद्ध तरीके से किया जाता तो ग्रामीणों को आज इस तरह की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
"काम जल्द पूरा नहीं हुआ तो धरना"
मोनू रजक ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण पूरा कर लोगों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ धरना देने को मजबूर होंगे।
फिलहाल बारिश के बीच पुल के पास बने हालात ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि तत्काल पानी की निकासी की व्यवस्था कर आवागमन बहाल किया जाए और पुल का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए।
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