सवाददाताः समसुद्दीन शेख , हमीरपुर
दिनांक: 02 सितम्बर 2026
*मध्यस्थता अभियान-3.0 को मिल रहा सकारात्मक प्रतिसाद, पक्षकार बढ़-चढ़कर उठा रहे लाभ*
*विभिन्न दीवानी, आपराधिक, परक्राम्य लिखत एवं वैवाहिक मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर सफल निस्तारण*
हमीरपुर। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर श्री मनोज कुमार राय के मार्गदर्शन तथा सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती वंदना अग्रवाल के निर्देशन में मध्यस्थता अभियान-3.0 के अंतर्गत उपयुक्त वादों का मध्यस्थता के माध्यम से सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में 02 सितम्बर 2026 को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) न्यायालय में लंबित एक दीवानी वाद, जिसमें नगर पालिका राठ एक पक्षकार थी, को एडीआर सेंटर में मध्यस्थता हेतु संदर्भित किया गया। मध्यस्थता की प्रक्रिया के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक सुलह-समझौता कराया गया।
इसी प्रकार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में लंबित परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) से संबंधित एक वाद का भी मध्यस्थता के माध्यम से सफलतापूर्वक निस्तारण कराया गया। इसके अतिरिक्त धारा 323 एवं 504 भारतीय दंड संहिता से संबंधित एक आपराधिक मामले तथा पति-पत्नी के मध्य लंबित एक वैवाहिक मामले का भी आपसी सुलह-समझौते के आधार पर सफलतापूर्वक निस्तारण कराया गया।
इन मामलों का सफल निस्तारण इस बात को दर्शाता है कि संवाद, सहमति एवं सहयोग के माध्यम से विभिन्न प्रकार के विवादों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान संभव है। मध्यस्थता पक्षकारों को न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान अपने विवाद का समाधान आपसी सहमति से प्राप्त करने का प्रभावी अवसर प्रदान करती है।
इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती वंदना अग्रवाल ने सफलतापूर्वक समझौता करने वाले दोनों पक्षकारों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों से अपील की कि अधिकाधिक उपयुक्त मामलों को मध्यस्थता हेतु संदर्भित कराएं तथा मध्यस्थता की प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग प्रदान करें, जिससे मध्यस्थता अभियान-3.0 को सफल एवं प्रभावी बनाया जा सके।