बच्चों को विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण भोजन के साथ शैक्षणिक वातावरण मिले:- बी आर रेवापाटी

*”बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन के साथ शैक्षणिक वातावरण मिले: – रेवापाटी”*
====================
जन शिक्षा केंद्र बांगरदा में कार्यशाला का आयोजन
====================
बांगरदा(खरगोन) जन शिक्षा केंद्र बांगरदा में शिक्षा सत्र की प्राथमिक तैयारी के तहत प्रधान पाठक स्वयं सहायता समूह अध्यक्ष सचिव एवं रसोइयों की संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया इस आयोजन में बांगरदा, लाल्याखेड़ी, भोमवाड़ा, लोहारी, कोटल्याखेड़ी, धुलवाड़ा, मलगाँव की प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों मध्यान भोजन बनाने वाले रसोइयों के साथ व सहायता समूह के अध्यक्ष एवं सचिवों ने भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता जन शिक्षक बिहारी लाल रेवापाटी ने अवगत कराया। की सभी शिक्षण संस्थानों में आगामी 16 जून से नियमित कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा प्रथम दिवस 16 जून को सभी शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा। एवं कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को विशेष भोज कराया जाएगा। इसके लिए सभी पीएम पोषण के अंतर्गत सभी शालाओं में मध्यान्ह भोजन संचालित करने वाले सभी स्वर सहायता समूह रसोई एवं प्रधान पाठक इसकी पूर्व तैयारी कर ले। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन के साथ भोजन निर्माण में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए रसोई घर के आसपास स्वच्छता एवं भोजन बनाने में पूरी सावधानी रखें। जिन शालाओं में रसोई घर क्षतिग्रस्त है। उनकी मरम्मत के प्रस्ताव बनाए जहां रसोई घर नहीं है। इसकी जानकारी से अवगत कारण शान द्वारा खाद्यान्न बच्चों की संख्या के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। खाद्यान्न समय पर उठाकर सुरक्षित स्थान पर जिम्मेदारी के साथ भंडारण करें वर्षा काल में भंडारण करते समय विशेष ध्यान रखें ।जिससे खाद्यान्न खराब नहीं हो। बच्चों के भोजन के पूर्व हाथ धुलाई करवाए एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी भोजन स्थल पर ही रखें। सभी स्व सहायता समूह को बच्चों की संख्या अनुसार उपयोगी बर्तनों की खरीदी हेतु₹15000 तक की राशि प्रदान की गई है। आपने अवगत कराया की शासन द्वारा प्रतिदिन भोजन का वैकल्पिक मेनू दिया गया है। उसके अनुसार ही भोजन दिया जाए। प्रतिदिन एक शिक्षक एवं रसोईये द्वारा भोजन परोसने पूर्व खा कर परीक्षण किया जाए।
सभी शालाओं में मध्यान्ह भोजन निरीक्षण पंजी का संधारण किया जाना सुनिश्चित करें। निरीक्षण पंजी में खाद्यान्न आवंटन, रसोई के मानदेय के साथ समूह को शासन द्वारा प्रदान की गई राशि का उल्लेख भी किया जाए। सभी स्व सहायता समूह, रसोईये एवं प्रधान पाठक आपसी सामंजस्य के साथ निरीक्षण पंजी में जानकारियां दर्ज कराए।
अपने विशेष जानकारी देते बताया कि जिन शाला परिसरों में स्थान उपलब्ध है। वहां पर स्व सहायता समूह द्वारा मां की बगिया लगाई जा सकती है। जिसमें सब्जियों का उत्पादन होने पर ताजी सब्जियों का उपयोग मध्याह्न में भोजन में किया जा सकता है। इसके लिए शासन द्वारा प्रोत्साहन राशि के रूप में 10000 रुपए तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
:- रामेश्वर फूलकर पत्रकार
बांगरदा


🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।







