भवनाथपुर की सियासत में ‘दीपक फैक्टर’ की चर्चा: क्या विधायक अनंत प्रताप देव के लिए भाई का साथ फिर बनेगा संजीवनी?

संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा गढ़वा ✅ : भवनाथपुर विधानसभा की राजनीति में इन दिनों एक बार फिर “दीपक फैक्टर” चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक गलियारों में यह बहस तेज है कि विधायक अनंत प्रताप देव के राजनीतिक सफर में उनके छोटे भाई दीपक प्रताप देव की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब-जब दोनों भाई एकजुट होकर मैदान में उतरे, तब अनंत प्रताप देव को राजनीतिक सफलता मिली, जबकि मतभेद की स्थिति में उन्हें कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव को इसका प्रमुख उदाहरण माना जाता है। उस समय भाजपा की लहर होने और टिकट मिलने के बावजूद अनंत प्रताप देव को पूर्व मंत्री भानू प्रताप शाही से करीब ढाई हजार मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। उस चुनाव में दीपक प्रताप देव की नाराजगी और अलग राजनीतिक रुख को भी हार के प्रमुख कारणों में गिना गया।
इसके विपरीत वर्ष 2009 और 2024 के विधानसभा चुनावों में दोनों भाइयों की सक्रिय राजनीतिक साझेदारी ने अनंत प्रताप देव की जीत का रास्ता आसान किया। चुनाव प्रचार से लेकर रणनीति और संगठन को मजबूत करने तक दीपक प्रताप देव की भूमिका को समर्थक और राजनीतिक जानकार महत्वपूर्ण मानते हैं। 2014 की हार के बाद दोनों भाइयों के बीच दूरियां कम हुईं और उन्होंने फिर से साथ मिलकर राजनीतिक जमीन मजबूत करने का प्रयास किया। हालांकि 2019 में भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद अनंत प्रताप देव ने निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली और वे तीसरे स्थान पर रहे। इसके बावजूद दोनों भाइयों की राजनीतिक जोड़ी सक्रिय बनी रही और क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क एवं राजनीतिक गतिविधियों में जुटी रही। 2024 के विधानसभा चुनाव में दीपक प्रताप देव ने चुनाव प्रबंधन और प्रचार अभियान की कमान संभाली। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी रणनीति और संगठनात्मक क्षमता ने चुनावी मुकाबले को निर्णायक रूप से प्रभावित किया, जिसका लाभ अनंत प्रताप देव को मिला और वे एक बार फिर विधानसभा पहुंचने में सफल रहे।हालांकि अब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि सत्ता में आने के बाद विधायक के आसपास का राजनीतिक समीकरण बदल गया है और चुनाव में सक्रिय रहे कई करीबी सहयोगी धीरे-धीरे किनारे हो गए। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या भविष्य की राजनीति में अनंत प्रताप देव एक बार फिर दीपक प्रताप देव के साथ मजबूत तालमेल बनाएंगे?भवनाथपुर की राजनीति पर नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि पिछले चुनावों का इतिहास यह संकेत देता है कि दोनों भाइयों की एकजुटता भाजपा और अनंत प्रताप देव की राजनीतिक मजबूती का अहम आधार रही है। हालांकि यह राजनीतिक विश्लेषण और स्थानीय चर्चाओं पर आधारित दृष्टिकोण है। आने वाले समय में दोनों नेताओं के राजनीतिक संबंध किस दिशा में जाते हैं, इस पर क्षेत्र की राजनीति की नजर बनी रहेगी।
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