40 लाख का बजट ‘बहा’, बांसी की जनता ‘डूबी’ – अब तो जागो चेयरमैन साहब

अजीत मिश्रा (खोजी)
बांसी में ‘जल निकासी’ के नाम पर खेल: कागजों में बहा 40 लाख का बजट, हकीकत में डूब रही जनता
बांसी (सिद्धार्थनगर): नगर की बदहाली और जलभराव की समस्या का दंश झेल रहे बांसी वासियों के लिए एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। नगर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शासन से जारी 40 लाख रुपये की पहली किश्त का पता नहीं चल पा रहा है। बजट तो कागजों पर ‘बह’ गया, लेकिन नगर की सड़कें आज भी तालाब बनी हुई हैं।
दावों पर फिरा पानी, ‘तैर’ रही बांसी
नगर पालिका प्रशासन द्वारा बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि बांसी को जलभराव की समस्या से निजात दिलाई जाएगी। इन दावों को हकीकत में बदलने के लिए 2022-23 के बजट के तहत 40 लाख रुपये की पहली किश्त भी प्राप्त हुई। लेकिन अफसोस! हल्की सी बारिश होते ही बांसी की सड़कें नहर में तब्दील हो जाती हैं। दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों का भारी नुकसान हो रहा है और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
जिम्मेदार मौन, कहाँ गया पैसा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पैसा आया था, तो वह गया कहाँ? क्या यह बजट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया या सीवरेज की व्यवस्था के नाम पर नगर पालिका में कोई ‘खिचड़ी’ पकाई गई? इस पूरे मामले पर चेयरमैन और नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। जनता जवाब मांग रही है, लेकिन प्रशासन के पास देने के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं है।
व्यापारियों में भारी आक्रोश
जलभराव से त्रस्त दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन केवल कागजी खानापूर्ति में व्यस्त है।
“हम टैक्स देते हैं ताकि बुनियादी सुविधाएं मिल सकें, लेकिन हमें बदले में घुटने तक भरा पानी और बदबूदार गंदगी मिल रही है। 40 लाख का बजट आखिर खर्च कहाँ हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”
प्रशासन से जवाबतलबी की मांग
बांसी की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि यह पैसा विकास कार्यों में नहीं लगा, तो फिर किसकी जेब गर्म हुई?
- क्या हुई जांच? क्या नगरपालिका के पास इस राशि के खर्च का कोई भौतिक सत्यापन है?
- अध्यक्ष का मौन क्यों? सवालों से बच रहे चेयरमैन की खामोशी क्या किसी बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रही है?
अब देखना यह है कि क्या शासन प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करता है, या फिर बांसी की जल निकासी का यह बजट इसी तरह सवालों के दलदल में धंसा रहेगा?
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।







