बीपार्ड गया में लखपति दीदी निर्माण पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ l

प्रेस विज्ञप्ति
जीविका
गया जी, 15 जुलाई 2026
• बीपार्ड, गया में “लखपति दीदी निर्माण” पर दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारम्भ
• 22 राज्यों और ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने कृषि, गैर-कृषि आजीविका एवं एमआईएस रणनीति पर राज्यों के बीच अनुभवों का होगा आदान-प्रदान
बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बीपार्ड), गया में आज से “लखपति दीदी निर्माण : दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत कृषि, गैर-कृषि आजीविका एवं एमआईएस रणनीति एवं रोडमैप” विषय पर आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारम्भ प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, श्री पंकज कुमार, अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका, श्रीमती अनन्या सिंह, निदेशक, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार, श्रीमती राजेश्वरी एस एम, उप-निदेशक, ग्रामीण विकास मंत्रालय, श्री रमन वाधवा, आयुक्त, मगध प्रमंडल, डॉ सफीना ए एन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस कार्यशाला में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार, 22 राज्यों के राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों, विकास सहयोगी संस्थाओं तथा विषय विशेषज्ञों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कार्यशाला का उद्देश्य 6 करोड़ लखपति दीदी के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति हेतु राज्यों के अनुभवों, नवाचारों एवं प्रभावी कार्यनीतियों का साझा मंच उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ राष्ट्रगीत के साथ हुआ।
स्वागत संबोधन में श्रीमती अनन्या सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका ने कहा कि यह कार्यशाला राज्यों के बीच परस्पर सीखने, जीविकोपार्जन संवर्द्धन के क्षेत्र में संचालित किये जा रहे सफल मॉडलों के आदान-प्रदान तथा महिलाओं की आर्थिक सशक्तीकरण की यात्रा को गति देने का महत्वपूर्ण अवसर है।
जीविकोपार्जन संवर्द्धन के राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को प्रस्तुत करते हुए श्रीमती राजेश्वरी एस. एम., निदेशक, ग्रामीण आजीविका, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा कि “लखपति दीदी” केवल आय वृद्धि का कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक एवं उद्यमशील सशक्तिकरण का व्यापक अभियान है।
अरुणाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्रीमती संगीता यिरंग तथा सिक्किम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री आर. बी. भंडारी ने अपने-अपने राज्यों में संचालित आजीविका नवाचारों, सामुदायिक संस्थाओं की भूमिका एवं सफल उद्यम मॉडल साझा किए। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला प्रतिभागी राज्यों को परस्पर सीखने और स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में विकसित करने में सहायक होगी।
डॉ. सफीना ए. एन., अपर महानिदेशक, बीपार्ड, गया जी ने महिलाओं के सशक्तिकरण में क्षमता निर्माण, संस्थागत विकास एवं सतत सीखने की प्रक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी केवल आय का लक्ष्य नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सम्मान, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय अभियान है। बिहार सरकार अपने विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से महिला सशक्तीकरण को हर एक स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है।
मुख्य वक्तव्य देते हुए श्री पंकज कुमार, प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार ने कहा कि अभिसरण, नवाचार, मूल्य संवर्धन एवं बाज़ार आधारित आजीविका मॉडल महिलाओं को स्थायी आर्थिक समृद्धि की दिशा में अग्रसर करेंगे। उन्होंने कहा कि, 6 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य तभी संभव होगा जब सामुदायिक संस्थाएँ, नवाचार, अभिसरण और बाज़ार आधारित आजीविका एक साथ आगे बढ़ेंगे। इस बड़े लक्ष्य की प्राप्ति हेतु हमें उद्यम विकास के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह के द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार से जोड़ने हेतु जरुरी कदम उठाने होंगे।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्री राजेश कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जीविका ने प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए राज्यों के बीच ज्ञान साझेदारी एवं सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
उद्घाटन सत्र के उपरांत प्रतिभागियों को कार्यशाला की रूपरेखा से अवगत कराया गया, जिसके बाद तीन समानांतर तकनीकी सत्र जिसमें मुख्य रूप से कृषि तथा गैर-कृषि से संबंधित जीविकोपार्जन एवं प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) विषयगत परिचर्चा का आयोजन किया गया।
कृषि आजीविका सत्रों में क्लस्टर विकास, उत्पादक समूह, किसान उत्पादक संगठनों, मूल्य संवर्द्धन, प्राकृतिक खेती एवं जलवायु अनुकूल आजीविका पर चर्चा हुई। गैर-कृषि आजीविका सत्रों में सूक्ष्म उद्यमिता, वित्तीय पहुँच, बाज़ार संपर्क, ब्रांडिंग, क्लस्टर विकास एवं अभिसरण पर विचार-विमर्श किया गया। वहीं एमआईएस सत्रों में लोकओएस, SHE LEAPS, डिजिटल आजीविका रजिस्टर, डेटा गुणवत्ता, मॉनिटरिंग डैशबोर्ड एवं डिजिटल क्षमता निर्माण से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यशाला का दूसरा दिन विभिन्न राज्यों तथा पहले दिन हुए विषयगत चर्चाओं से संबंधित जीविकोपार्जन एवं लखपति दीदी अभियान को गति देने हेतु साझा कार्ययोजना तैयार करने पर केन्द्रित रहेगा।
त्रिलोकी नाथ डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर गयाजी बिहार
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