Vande Bharat Live TV News
देश • राज्य • जिला — खबरें तेज़, साफ और विश्वसनीय तरीके से
A2Z सभी खबर सभी जिले की

NCLT के प्रशासक आदेश के बीच देहरादून की चर्च संपत्तियों के कथित सौदे का दावा, 94 बीघा जमीन पर करोड़ों के लेनदेन की चर्चा!

06 Oct 2026, 11:17 PM • Vande Bharat Live TV News
📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅
NCLT के प्रशासक आदेश के बीच देहरादून की चर्च संपत्तियों के कथित सौदे का दावा, 94 बीघा जमीन पर करोड़ों के लेनदेन की चर्चा! - SAHARANPUR, उत्तर प्रदेश

🚨🔥 *ब्रेकिंग न्यूज़ | NCLT के प्रशासक आदेश के बीच देहरादून की चर्च संपत्तियों के कथित सौदे का दावा, 94 बीघा जमीन पर करोड़ों के लेनदेन की चर्चा!*

NCLT के प्रशासक आदेश के बीच देहरादून की चर्च संपत्तियों के कथित सौदे का दावा, 94 बीघा जमीन पर करोड़ों के लेनदेन की चर्चा! - SAHARANPUR, उत्तर प्रदेश

*पूर्व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह को प्रशासक बनाए जाने के बाद संपत्तियों की बिक्री-हस्तांतरण पर NCLT की अनुमति जरूरी—रसूलपुर की 94 बीघा बताई जा रही जमीन को लेकर गंभीर सवाल*

*पूर्ण खबर सूत्रों के हवाले से*

प्रयागराज/लखनऊ/देहरादून। आगरा डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (ADTA) से जुड़े चर्च/ट्रस्ट संपत्तियों और प्रबंधन विवाद के बीच राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण यानी NCLT, इलाहाबाद बेंच के 16 सितंबर 2026 के अंतरिम आदेश के बाद संपत्तियों के कथित लेनदेन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार NCLT ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह को एक वर्ष की अवधि के लिए स्वतंत्र प्रशासक नियुक्त किया है तथा संबंधित प्रतिद्वंद्वी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की शक्तियां निलंबित कर दी गई हैं। आदेश के तहत संबंधित ट्रस्ट की संपत्तियों की बिक्री, हस्तांतरण अथवा बंधक के लिए NCLT की पूर्व अनुमति की आवश्यकता बताई गई है। इसी पृष्ठभूमि में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में आगरा डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (ADTA) से संबंधित बताई जा रही करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि को लेकर कथित सौदेबाजी की गतिविधियां सामने आई हैं। सूत्रों का दावा है कि करीब 94 बीघा भूमि को लगभग 2 करोड़ रुपये प्रति बीघा की दर से तय किए जाने की चर्चा थी और करीब 2 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए जाने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि कथित सौदे, रकम, भुगतान और संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

🔥 *94 बीघा जमीन और करोड़ों के कथित सौदे ने बढ़ाई हलचल*

सूत्रों के अनुसार जिस भूमि को लेकर यह चर्चा सामने आ रही है, वह देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र के रसूलपुर इलाके में बताई जा रही है। जमीन का कथित क्षेत्रफल करीब 94 बीघा बताया जा रहा है और इसके संभावित मूल्य को लेकर करोड़ों रुपये के आंकड़े सामने आ रहे हैं। यदि सूत्रों द्वारा बताई जा रही करीब 2 करोड़ रुपये प्रति बीघा की दर को आधार माना जाए तो पूरी जमीन का संभावित मूल्य लगभग 188 करोड़ रुपये बैठता है। हालांकि यह केवल सूत्रों द्वारा बताई गई संभावित दर पर आधारित गणना है और इसका अर्थ यह नहीं कि वास्तव में इतनी राशि का कोई सौदा हुआ है। जमीन का वास्तविक मूल्य, किसी प्रस्तावित सौदे की कीमत और भुगतान की वास्तविक स्थिति राजस्व अभिलेख, पंजीकृत दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड तथा अन्य प्रमाणों से ही स्पष्ट हो सकती है।

*कथित सौदे में किन नामों का जिक्र?*

*सूत्रों के अनुसार इस कथित लेनदेन में विपुल जैन, भाटी और सुभाष यादव सहित कुछ लोगों के नाम सामने आने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि कथित सौदे को लेकर कुछ चर्च/ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों और विकासनगर स्थित जेम्स चर्च से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी क्रम में आगरा डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (ADTA) से जुड़े कथित बिशप तथा विकासनगर, देहरादून स्थित जेम्स चर्च से जुड़े कथित पादरी की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि किसी व्यक्ति का नाम किसी कथित सौदे या आरोप में सामने आना अपने आप में किसी अपराध या अवैध कृत्य का प्रमाण नहीं है। संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं का पक्ष तथा मूल दस्तावेज सामने आने के बाद ही इन दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।*

*NCLT का आदेश बना सबसे बड़ा कानूनी सवाल*

NCLT का 16 सितंबर 2026 का अंतरिम आदेश इस पूरे मामले का महत्वपूर्ण कानूनी संदर्भ है। उपलब्ध विवरण के अनुसार न्यायाधिकरण ने पूर्व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह को एक वर्ष के लिए स्वतंत्र प्रशासक नियुक्त किया है। साथ ही संबंधित प्रतिद्वंद्वी बोर्डों की शक्तियों को निलंबित करते हुए ट्रस्ट की संपत्तियों के संबंध में प्रतिबंध लगाए गए हैं। आदेश के अनुसार संबंधित ट्रस्ट की चल-अचल संपत्तियों को NCLT की पूर्व अनुमति के बिना बेचने, हस्तांतरित करने अथवा बंधक रखने का प्रश्न न्यायाधिकरण की अनुमति से जुड़ता है। ऐसे में यदि किसी ऐसी संपत्ति को लेकर कोई लेनदेन हुआ है जो वास्तव में आदेश के दायरे में आती है, तो उसके दस्तावेज और आदेश के अनुपालन की स्थिति की जांच महत्वपूर्ण होगी।

📍 *रसूलपुर की जमीन—राजस्व रिकॉर्ड में क्या है?*

*सूत्रों द्वारा उपलब्ध कराए गए राजस्व विवरण के अनुसार कथित संपत्ति का एक हिस्सा खाता संख्या 00240, मौजा रसूलपुर, परगना पछवादून, तहसील विकासनगर, जिला देहरादून, उत्तराखंड में बताया जा रहा है। पहले भू-भाग में खसरा संख्या 4701 का रकबा 0.4530 हेक्टेयर, 4706 का 0.4890 हेक्टेयर, 4707 का 0.3000 हेक्टेयर, 4723 का 0.4230 हेक्टेयर, 4724 का 0.5180 हेक्टेयर और 4725 का 0.4850 हेक्टेयर बताया गया है, जिनका कुल रकबा 2.668 हेक्टेयर बताया जा रहा है। इसी खाता संख्या के दूसरे भू-भाग में खसरा संख्या 4595क का 0.7830 हेक्टेयर, 4689 का 0.2820 हेक्टेयर, 4690 का 0.6320 हेक्टेयर, 4691 का 0.4690 हेक्टेयर, 4692 का 0.1700 हेक्टेयर, 4695 का 0.5990 हेक्टेयर, 4696 का 0.7930 हेक्टेयर और 4697 का 0.6390 हेक्टेयर रकबा बताया गया है, जिसका कुल क्षेत्रफल 4.3670 हेक्टेयर बताया जा रहा है। दोनों हिस्सों को मिलाकर 7.035 हेक्टेयर भूमि का विवरण सामने आता है। हालांकि इन राजस्व विवरणों और सूत्रों द्वारा बताए जा रहे करीब 94 बीघा के आंकड़े के बीच वास्तविक संबंध की पुष्टि आधिकारिक राजस्व रिकॉर्ड से किया जाना अभी बाकी है।*

🔥 *जमीन का पुराना विवाद भी बन सकता है अहम कड़ी*

रसूलपुर की इस भूमि को लेकर पहले से न्यायिक विवाद का इतिहास होने का दावा भी सामने आता है। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड में Agra Diocesan Trust Association (ADTA) और St. James Church, Annfield, Vikasnagar, Dehradun से जुड़े पक्षों के बीच भूमि विवाद का उल्लेख मिलता है। पुराने मुकदमों में बिक्री विलेखों तथा संपत्ति पर अधिकार को लेकर विवाद अदालत तक पहुंचा था। यही वजह है कि यदि वर्तमान में इसी भूमि या इसके किसी हिस्से को लेकर कोई नया बिक्री प्रस्ताव, समझौता, बयाना अथवा हस्तांतरण प्रक्रिया हुई है तो पुराने न्यायिक आदेशों और वर्तमान NCLT आदेश के संदर्भ में उसकी वैधानिक स्थिति महत्वपूर्ण हो जाती है।

*क्या किसी पुराने प्रतिबंध के बावजूद सौदे की कोशिश हुई?*

सूत्रों का दावा है कि चर्च से संबंधित कुछ पुराने दस्तावेजों में संपत्ति की बिक्री अथवा हस्तांतरण पर प्रतिबंध से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख रहा है। हालांकि ऐसे दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति और उनकी वर्तमान कानूनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। यदि वास्तव में किसी दस्तावेज में बिक्री पर रोक, ट्रस्ट की अनुमति अथवा किसी अन्य संस्था की स्वीकृति अनिवार्य की गई थी, तो बाद में हुए किसी कथित समझौते या बिक्री प्रयास की वैधता का प्रश्न और गंभीर हो सकता है।

*बड़ा सवाल—क्या NCLT के आदेश के बाद भी संपत्ति का सौदा संभव?*

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि संबंधित संपत्तियां वास्तव में आगरा डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (ADTA) अथवा उससे संबद्ध ट्रस्ट की संपत्तियां हैं जिन पर NCLT का अंतरिम संरक्षण लागू है, तो उनके संबंध में किसी भी बिक्री, हस्तांतरण, समझौते या बंधक की वैधानिक स्थिति क्या होगी? सूत्रों के दावों की पुष्टि के लिए यह पता लगाना जरूरी होगा कि क्या कोई बिक्री समझौता या बयाना हुआ, क्या कोई रजिस्ट्री या पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार हुई, क्या वास्तव में 2 करोड़ रुपये की कथित एडवांस राशि का भुगतान हुआ और यदि भुगतान हुआ तो वह किस खाते में तथा किस संस्था या व्यक्ति के नाम पर किया गया। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह भी होगा कि कथित लेनदेन के लिए NCLT की कोई पूर्व अनुमति ली गई थी या नहीं।

*बैंक रिकॉर्ड से खुल सकता है कथित लेनदेन का सच*

यदि 2 करोड़ रुपये के कथित एडवांस भुगतान का दावा सही है तो बैंकिंग रिकॉर्ड इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन सकते हैं। किस व्यक्ति या संस्था के खाते से राशि निकली, किस खाते में गई, भुगतान की तारीख क्या थी, भुगतान का उद्देश्य क्या दर्ज था और क्या उसके बदले कोई एग्रीमेंट या रसीद तैयार हुई—इन सवालों के जवाब मिलने पर कथित सौदे की वास्तविकता काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है। इसी तरह सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के रिकॉर्ड से यह पता लगाया जा सकता है कि संबंधित खसरा नंबरों को लेकर कोई बिक्री विलेख, एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी या अन्य पंजीकृत दस्तावेज प्रस्तुत किया गया था या नहीं।

*प्रशासक की नियुक्ति के बाद संपत्ति प्रबंधन पर सीधी निगरानी*

NCLT द्वारा नियुक्त स्वतंत्र प्रशासक पूर्व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की भूमिका इस पूरे विवाद में महत्वपूर्ण हो गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार प्रशासक को ट्रस्ट के बैंक खातों के संचालन, लंबित वैधानिक फाइलिंग पूरी कराने और सदस्यता की स्थिति की समीक्षा जैसे कार्य सौंपे गए हैं। सदस्यता की स्थिति पर रिपोर्ट तथा विस्तृत रिपोर्ट न्यायाधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करने की व्यवस्था बताई गई है। ऐसे में आगरा डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (ADTA) से संबंधित पुराने और नए संपत्ति लेनदेन के दस्तावेजों की स्थिति भी महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि किसी संपत्ति को लेकर कोई बिक्री प्रस्ताव या समझौता हुआ है तो उसके दस्तावेज प्रशासक की जांच के दायरे में आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

*कथित बिशप और जेम्स चर्च के पादरी की भूमिका पर सवाल—लेकिन पुष्टि बाकी*

इस पूरे मामले में आगरा डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (ADTA) से जुड़े कथित बिशप तथा विकासनगर स्थित जेम्स चर्च से जुड़े कथित पादरी की भूमिका को लेकर सूत्रों के दावे सामने आ रहे हैं। सवाल यह है कि क्या इन पदाधिकारियों या चर्च से जुड़े किसी अधिकृत व्यक्ति ने संपत्ति संबंधी किसी प्रस्ताव, बातचीत, समझौते अथवा हस्तांतरण प्रक्रिया में कोई भूमिका निभाई? क्या उनके पास ऐसी संपत्ति के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार था? क्या कोई बोर्ड प्रस्ताव या ट्रस्ट की अनुमति ली गई? इन सवालों का जवाब फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस रिपोर्ट में किसी व्यक्ति की भूमिका को आरोप से आगे बढ़ाकर तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। संबंधित पक्षों का जवाब मिलने पर उसे खबर में शामिल किया जाना आवश्यक होगा।

*कथित सौदे की रकम अगर सच है तो मामला कितना बड़ा?*

सूत्रों द्वारा करीब 2 करोड़ रुपये प्रति बीघा की दर और लगभग 94 बीघा जमीन का दावा किया जा रहा है। गणितीय रूप से देखें तो ऐसी दर पर पूरी भूमि का अनुमानित मूल्य लगभग 188 करोड़ रुपये बैठता है। लेकिन यह केवल सूत्रों द्वारा बताए गए आंकड़ों पर आधारित गणना है, कोई प्रमाणित बिक्री मूल्य नहीं। यदि वास्तविक सौदे की कीमत इससे अलग थी तो उसका निर्धारण दस्तावेजों से ही होगा। इसी तरह 2 करोड़ रुपये एडवांस दिए जाने का दावा भी बैंकिंग अथवा अन्य प्रमाणों के बिना केवल आरोप/सूत्रों की जानकारी के स्तर पर है।

*अब असली निगाह प्रशासक और दस्तावेजी जांच पर*

करीब एक सदी पुराने आगरा डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (ADTA) से जुड़े संपत्ति और प्रबंधन विवाद के बीच NCLT द्वारा स्वतंत्र प्रशासक की नियुक्ति ने पूरे मामले को नए चरण में पहुंचा दिया है। अब यह महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासक ट्रस्ट की संपत्तियों, बैंक खातों, सदस्यता, वैधानिक रिकॉर्ड और पुराने लेनदेन के संबंध में न्यायाधिकरण के सामने क्या रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं। सूत्रों द्वारा बताई जा रही 94 बीघा जमीन और करोड़ों रुपये के कथित लेनदेन से संबंधित यदि कोई एग्रीमेंट, बैंक भुगतान, राजस्व रिकॉर्ड, रजिस्ट्री दस्तावेज या अन्य प्रमाण सामने आते हैं तो वे इस विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

फिलहाल इस पूरे मामले में कई सवाल एक साथ खड़े हैं—क्या रसूलपुर की बताई जा रही जमीन वास्तव में आगरा डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (ADTA) अथवा उससे संबद्ध ट्रस्ट की संपत्ति है? क्या 94 बीघा का आंकड़ा आधिकारिक राजस्व रिकॉर्ड से मेल खाता है? क्या जमीन के लिए करीब 2 करोड़ रुपये प्रति बीघा की कोई वास्तविक पेशकश हुई? क्या 2 करोड़ रुपये का कथित एडवांस वास्तव में दिया गया? क्या विपुल जैन, भाटी, सुभाष यादव या अन्य बताए जा रहे लोगों की इसमें कोई वास्तविक भूमिका थी? क्या आगरा डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन के कथित बिशप अथवा जेम्स चर्च विकासनगर के कथित पादरी की कोई दस्तावेजी भूमिका सामने आती है? और सबसे अहम—यदि संपत्ति NCLT के आदेश के दायरे में आती थी तो क्या किसी कथित लेनदेन से पहले न्यायाधिकरण की अनुमति ली गई थी?

इन सवालों का जवाब फिलहाल आरोपों और सूत्रों की जानकारी से नहीं, बल्कि मूल NCLT आदेश, प्रमाणित राजस्व अभिलेख, ट्रस्ट डीड, कथित एग्रीमेंट, बैंकिंग रिकॉर्ड, सब-रजिस्ट्रार दस्तावेज और संबंधित पक्षों के आधिकारिक जवाब से ही मिल सकता है। 94 बीघा जमीन, करोड़ों रुपये के कथित सौदे और चर्च संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारियों की कथित भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों ने निश्चित रूप से मामले को संवेदनशील बना दिया है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष दस्तावेजी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है।

🚨 HULCHUL INDIA 24×7 — बेबाक खबर • तेज असर
📰 HULCHUL INDIA NEWS CHANNEL | VANDE BHARAT LIVE TV NEWS
✍️ विशेष रिपोर्ट: एलिक सिंह
📍 ब्यूरो प्रमुख: हलचल इंडिया न्यूज़ / वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़, सहारनपुर
📞 खबर, विज्ञापन, विज्ञप्ति एवं सूचना के लिए संपर्क: 8217554083
📲 Facebook पर Follow करें और खबर को Share करें।
खबर वही, जो असर करे।

#HulchulIndia #HulchulIndiaNews #HulchulIndia247 #VandeBharatLiveTVNews #BreakingNews #BigBreakingNews #LatestNews #NewsUpdate #HindiNews #UttarakhandNews #DehradunNews #Vikasnagar #Rasulpur #ChurchNews #ChurchProperty #ChurchPropertyDispute #ADTA #AgraDiocesanTrustAssociation #NCLT #NCLTAllahabad #LegalNews #CourtNews #PropertyDispute #PropertyNews #LandDispute #LandDeal #ChurchLand #TrustProperty #TrustDispute #Administrator #JusticeLokpalSingh #legalupdates #BreakingUpdate #exclusivenews #bignews #GroundReport #investigation #InvestigativeNews #viralnews #trendingnews #NewsAlert #NewsUpdate #contentcreator #CreativeDesign #monetization #viralreelschallenge #trendingpost #ShareThisPost #follower

📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅

🔔 Vande Bharat News Alerts

नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।

संबंधित और ताज़ा खबरें

RE-2 मार्ग पर गरजा निगम का बुलडोजर: बिचौली काकड़ और शिव नगर में 80 से ज्यादा अवैध कब्जे ध्वस्त, पथराव के बाद कई हिरासत में
Indore06 Oct

RE-2 मार्ग पर गरजा निगम का बुलडोजर: बिचौली काकड़ और शिव नगर में 80 से ज्यादा अवैध कब्जे ध्वस्त, पथराव के बाद कई हिरासत में

🔴 तेजकुमार जारवाल जिला रिपोर्टर | इंदौर वंदे भारत LIVE TV NEW ​विशेष संवाददाता | इंदौर ​3 साल…

पूरी खबर पढ़ें →
नगर पुलिस अधीक्षक गया द्वारा पितृपक्ष मेला 2026के मद्देनजर विष्णुपद अस्थायी थाना में बैठक l
Gaya06 Oct

नगर पुलिस अधीक्षक गया द्वारा पितृपक्ष मेला 2026के मद्देनजर विष्णुपद अस्थायी थाना में बैठक l

आज दिनांक 06.10.2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक, गया के निर्देशन में नगर पुलिस अधीक्षक, गया द्वारा पितृपक्ष मेला…

पूरी खबर पढ़ें →
पितृपक्ष मेला महासंगम 2026के सफल सुचारू एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिलाधिकारी, गया, वरीय पुलिस अधीक्षक, गया एवं नगर पुलिस अधीक्षक, गया की अध्यक्षता में सेवा सदन में बैठक l
वाल्टरगंज पुलिस का बड़ा धमाका, 25 मुकदमों वाला शातिर समेत 2 अंतर्जनपदीय चोर गिरफ्तार, 5 चोरियों का खुलासा!
Basti06 Oct

वाल्टरगंज पुलिस का बड़ा धमाका, 25 मुकदमों वाला शातिर समेत 2 अंतर्जनपदीय चोर गिरफ्तार, 5 चोरियों का खुलासा!

बस्ती।* जनपद बस्ती में लूट और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले शातिरों के खिलाफ चलाए जा…

पूरी खबर पढ़ें →
error: Content is protected !!