आपदा प्रबंधन की सफलता का आधार जन-सहयोग और बेहतर लोक प्रबंधन : कलेक्टर श्री चंद्रा


नीमच, 17 जुलाई 2026। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार स्वामी विवेकानंद पी.जी. महाविद्यालय,नीमच में एक दिवसीय भूकंपपूर्व तैयारी एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम का आयोजन जिला स्तर पर किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने कहा कि प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदाएं कभी भी और बिना पूर्व सूचना के आ सकती हैं। ऐसे में आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया, प्रभावी समन्वय और जन-सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में जन-सहयोग और लोक प्रबंधन प्रशासन की प्राथमिकता है।
कलेक्टर श्री चंद्रा ने बताया कि आपदा की स्थिति में आमजन का विश्वास बनाए रखना, घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना, घटनास्थल पर एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करना तथा जेसीबी, ट्रैक्टर सहित स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का अद्यतन डाटाबेस तैयार रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समय पर संसाधनों की उपलब्धता से राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला में भूकंप प्रबंधन के साथ-साथ औद्योगिक सुरक्षा एवं औद्योगिक दुर्घटनाओं की रोकथाम से संबंधित विषयों पर भी विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। कलेक्टर ने जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों से अपने-अपने उद्योगों की सुरक्षा ऑडिट एवं प्रदूषण नियंत्रण ऑडिट समय पर कराने तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों एवं नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता अग्रवाल ने अपने संबोधन में औद्योगिक इकाइयों को प्रशिक्षित सुरक्षा दल गठित करने तथा प्रत्येक उद्योग में प्रभावी आपातकालीन निकासी योजना तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में संचालित “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान की जानकारी देते हुए सभी से स्वयं नशे से दूर रहने तथा परिवार और समाज को भी नशामुक्त बनाने के लिए जन-जागरूकता फैलाने की अपील की। अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश ने भी आपदा प्रबंधन में विभागीय समन्वय और पूर्व तैयारी के महत्व पर प्रकाश डाला।
आपदा प्रबंधन संस्थान के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री युवराज सिंह पवार ने बाढ़, भूकंप, चक्रवात, आंधी-तूफान, रासायनिक दुर्घटनाओं तथा भोपाल गैस त्रासदी जैसे महत्वपूर्ण मामलों के अध्ययन प्रस्तुत करते हुए आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।
उन्होंने अपनी टीम के साथ आपदा के दौरान जीवन रक्षा एवं राहत कार्यों में उपयोग होने वाले आधुनिक बचाव एवं सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन भी किया।
कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को भूकंप का इतिहास, भूकंप प्रतिरोधी भवन निर्माण, आपदा के दौरान प्राथमिक उपचार, यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव तथा पटाखा फैक्ट्रियों में अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिंह धार्वे, कंपनी कमांडेंट श्रीमती पुष्पा सिंह पंवार सहित पुलिस, राजस्व, एनसीसी, नगर सेना, पंचायत, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।
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