रास्ता भटकी महिला को दो मासूम बच्चों सहित डायल-112 एफआरवी स्टाफ ने सकुशल उसके ससुराल पहुंचाया

सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * आमजन की सुरक्षा एवं त्वरित सहायता के लिए संचालित डायल-112 सेवा एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के लिए भरोसे का माध्यम बनी। पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता एवं सूझबूझ के चलते रास्ता भटककर अपने दो छोटे बच्चों के साथ परेशान घूम रही महिला को सकुशल उसके परिजनों तक पहुंचाया गया। दिनांक 19 जुलाई 2026 को रात्रि में डायल-112 कंट्रोल रूम को इवेंट क्रमांक POL19072607004 प्राप्त हुआ, जिसमें सूचना मिली कि थाना शाहगढ़ क्षेत्र के ग्राम नरवा में एक अज्ञात महिला अपने दो छोटे बच्चों के साथ भटक रही है तथा उसे अपने घर का सही पता ज्ञात नहीं है। सूचना मिलते ही एफआरवी-12 में तैनात आरक्षक 924 विशाल प्रजापति एवं पायलट संजय रजक तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने महिला से आत्मीयता एवं धैर्यपूर्वक बातचीत कर जानकारी प्राप्त की। महिला ने अपना नाम (उम्र 25 वर्ष) तथा अपने पति का नाम बताया। उसने बताया कि वह अपने मायके बम्होरी से बस द्वारा अपने ससुराल आने के लिए निकली थी, लेकिन उसे अपने ससुराल के गांव का नाम याद नहीं था। महिला केवल इतना बता सकी कि गांव नरवा के आसपास है तथा घर के बाहर एक पानी की टंकी बनी हुई है।
सीमित जानकारी होने के बावजूद एफआरवी स्टाफ ने हार नहीं मानी। पुलिस टीम ने आसपास के गांवों में महिला को साथ लेकर संभावित स्थानों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयास करते हुए तीन गांवों में पानी की टंकी के समीप बने मकानों की पहचान कराई गई। अंततः ग्राम रिछाई पहुंचने पर महिला ने पानी की टंकी के पास बने मकान को अपना ससुराल पहचान लिया। पुलिस टीम ने तत्काल महिला के परिजनों से संपर्क स्थापित किया तथा सत्यापन उपरांत महिला एवं उसके दोनों छोटे बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया। अचानक अपनी बहू एवं बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली तथा डायल-112 पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली, धैर्य एवं मानवीय व्यवहार की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि डायल-112 केवल आपातकालीन सहायता का माध्यम ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में आम नागरिकों का विश्वसनीय साथी भी है। सागर पुलिस द्वारा प्रत्येक सूचना पर त्वरित, संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्रवाई करते हुए जरूरतमंद लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस सराहनीय कार्य में एफआरवी-12 में तैनात आरक्षक 924 विशाल प्रजापति एवं पायलट संजय रजक की संवेदनशीलता, धैर्य, सूझबूझ एवं त्वरित कार्रवाई विशेष रूप से प्रशंसनीय रही, जिनके प्रयासों से एक महिला अपने दोनों मासूम बच्चों सहित सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सकी।
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