Vande Bharat Live TV News
देश • राज्य • जिला — खबरें तेज़, साफ और विश्वसनीय तरीके से
उत्तर प्रदेश

बस्ती: सल्टौआ गोपालपुर ब्लॉक में प्रशासनिक संवेदनहीनता की हद; पंचायत सचिव की फर्जी और लापरवाह रिपोर्ट के चलते जिंदा बुजुर्ग बनारस को कागजों में मृत दिखाकर 15 महीने से रोकी गई वृद्धा पेंशन।

01 Aug 2026, 10:31 AM • Vande Bharat Live TV News
📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅
1785560015700

बस्ती: सरकारी बाबुओं की कलम ने जिंदा इंसान को बनाया ‘मृतक’, 15 महीने से वृद्धा पेंशन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर लाचार बुजुर्ग

  • सल्टौआ गोपालपुर ब्लॉक का सनसनीखेज मामला; पंचायत सचिव की फर्जी रिपोर्ट से उजागर हुई प्रशासनिक संवेदनहीनता
  • IGRS पर गुहार के बाद खुली पोल, पर जिम्मेदार कर्मियों पर महज ‘चेतावनी’ की खानापूर्ति से उठ रहे सवाल
  • IGRS पर गुहार के बाद खुली पोल: पीड़ित बुजुर्ग द्वारा पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद खंड विकास अधिकारी की जाँच में लाभार्थी पूरी तरह जीवित और पात्र पाए गए।
  • व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल: जीवित इंसान को कागजों में मारने वाले लापरवाह सत्यापनकर्ताओं और सचिव पर कठोर कार्रवाई के बजाय केवल ‘भविष्य में सचेत रहने की चेतावनी’ देकर खानापूर्ति करने पर भड़का आक्रोश।
  • विशेष संवाददाता / बस्ती

उत्तर प्रदेश के जनपद बस्ती में सरकारी व्यवस्था और संवेदनहीनता का एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जो शासन के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। जनपद के सल्टौआ गोपालपुर विकास खंड अंतर्गत जसोवर (ग्राम पंचायत रेती) निवासी बुजुर्ग बनारस पुत्र राम आसरे को जिम्मेदार कर्मचारियों और पंचायत सचिव की लापरवाही के चलते कागजों में ‘मृत’ घोषित कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप, उस लाचार बुजुर्ग की वृद्धा पेंशन करीब 15 महीने से पूरी तरह रोक दी गई, और वह अपनी ही जीवित होने का प्रमाण देने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को विवश हो गया।

क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, बुजुर्ग बनारस नियमित रूप से वृद्धा पेंशन योजना के पात्र हैं और उनका डेटा पोर्टल पर दर्ज था (पेंशन डेटा संख्या: 31531007875)। नियमानुसार होने वाले वार्षिक सत्यापन के दौरान संबंधित पंचायत सचिव और सत्यापनकर्ता ने मौके पर स्थलीय जाँच करने की जहमत तक नहीं उठाई और अपनी रिपोर्ट में जीवित लाभार्थी को मृत दर्शा दिया। इस एक फर्जी और लापरवाह प्रविष्टि के कारण पोर्टल पर उनका नाम और भुगतान रोक दिया गया।

​लगभग डेढ़ साल तक जब पेंशन खाते में नहीं आई, तो भुखमरी और दवा-इलाज के संकट से जूझ रहे बुजुर्ग ने हार न मानते हुए आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर संदर्भ संख्या 40018526001294 (दिनांक 13.01.2026) के माध्यम से अपनी फरियाद मुख्यमंत्री और उच्चाधिकारियों तक पहुँचाई।

जाँच में खुली पोल, पर कार्रवाई के नाम पर लीपापोती

​शिकायत के बाद जब खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) सल्टौआ गोपालपुर द्वारा मामले की वास्तविकता की जाँच कराई गई, तो सच्चाई सामने आ गई। जाँच में स्पष्ट हुआ कि लाभार्थी बनारस पूरी तरह जीवित हैं और पेंशन के पात्र हैं। इसके बाद खंड विकास अधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी, बस्ती द्वारा निदेशालय स्तर पर डेटा रिवर्ट करने व पेंशन बहाल करने की प्रक्रिया शुरू तो कर दी गई है।        FB IMG 1785559683654 FB IMG 1785559677976 FB IMG 1785559668757 FB IMG 1785559670635

व्यवस्था पर बड़ा सवाल: कागजों में मारने वालों पर सिर्फ ‘चेतावनी’?

​इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक अमले की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। सवाल यह उठता है कि:

  1. क्या बिना स्थलीय सत्यापन के मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार करना अधिकारियों की आदत बन चुकी है?
  2. एक जीवित इंसान को कागजों में मौत के मुँह में धकेलने वाले लापरवाह सचिव और सत्यापनकर्ता के खिलाफ सिर्फ “भविष्य में सचेत रहने की चेतावनी” (कारण बताओ नोटिस का इतिश्री) जैसा हल्का दंड क्यों दिया गया?
  3. क्या गरीबों के हक पर डाका डालने वाले ऐसे कर्मचारियों पर कठोर आपराधिक या विभागीय कार्रवाई नहीं होनी चाहिए?
  • उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के सल्टौआ गोपालपुर विकास खंड के जसोवर गाँव के बुजुर्ग बनारस पुत्र राम आसरे के साथ प्रशासनिक लापरवाही का घिनौना मजाक सामने आया है।
  • ​पंचायत सचिव के फर्जी और संवेदनहीन सत्यापन के कारण लगभग 15 महीनों तक इस लाचार बुजुर्ग की वृद्धा पेंशन रोक दी गई, जबकि वे पूरी तरह जीवित और पात्र हैं।
  • ​जब पीड़ित ने IGRS के माध्यम से गुहार लगाई, तब जाँच में खुलासा हुआ कि सचिव ने अपनी रिपोर्ट में जीवित व्यक्ति को ‘मृत’ दर्ज कर दिया था।
  • ​हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी प्रशासनिक गलती और गरीब के उत्पीड़न के बावजूद जिम्मेदार कर्मियों पर कठोर कार्रवाई के बजाय केवल “भविष्य में सचेत रहने की चेतावनी” देकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई है।

सरकारी तंत्र की इस घोर लापरवाही ने यह साबित कर दिया है कि कागजी घोड़ों पर दौड़ने वाले अधिकारियों को आम जनता की पीड़ा से कोई सरोकार नहीं है। यदि ऐसे मामलों में सख्त नजीर पेश नहीं की गई, तो सरकारी योजनाएं इसी तरह भ्रष्टाचार और कागजी हेराफेरी की भेंट चढ़ती रहेंगी।

📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅

🔔 Vande Bharat News Alerts

नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।

संबंधित और ताज़ा खबरें

*बस्ती: हरैया पुलिस को बड़ी सफलता, समय माता मंदिर में चोरी का खुलासा, 23 किलो पीतल के घंटे-घंटी, दानपात्र और नकदी बरामद, 2 चोर गिरफ्तार*
Vande Bharat Live TV NewsVande Bharat Live TV News
मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर सियासी घमासान: ‘अपनी जनता पार्टी’ ने उठाई ‘एक देश—एक वोटर लिस्ट’ और न्यायिक जांच की मांग
Lucknow11 Sep

मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर सियासी घमासान: ‘अपनी जनता पार्टी’ ने उठाई ‘एक देश—एक वोटर लिस्ट’ और न्यायिक जांच की मांग

लखनऊ / विशेष संवाददाता देश में चुनावी निष्पक्षता और मतदाता सूचियों की प्रमाणिकता को लेकर राजनीतिक बहस एक…

पूरी खबर पढ़ें →
गाजीपुर में हाईवे पर भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार रोडवेज बस ने खड़े ट्रैक्टर को मारी टक्कर; चालक समेत 4 लोग गंभीर, ट्रामा सेंटर रेफर
Ghazipur11 Sep

गाजीपुर में हाईवे पर भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार रोडवेज बस ने खड़े ट्रैक्टर को मारी टक्कर; चालक समेत 4 लोग गंभीर, ट्रामा सेंटर रेफर

​गाजीपुर (विशेष संवाददाता): जनपद के पहाड़पुर क्षेत्र स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में…

पूरी खबर पढ़ें →
बस्ती: SP यशवीर सिंह ने पुलिस लाइन में परेड की ली सलामी, बैरक से लेकर भोजनालय तक का किया निरीक्षण
Basti11 Sep

बस्ती: SP यशवीर सिंह ने पुलिस लाइन में परेड की ली सलामी, बैरक से लेकर भोजनालय तक का किया निरीक्षण

जनपद बस्ती, 11 सितंबर 2026। पुलिस अधीक्षक बस्ती डॉ. यशवीर सिंह ने शुक्रवार को सहायक पुलिस अधीक्षक /…

पूरी खबर पढ़ें →
error: Content is protected !!