मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर सियासी घमासान: ‘अपनी जनता पार्टी’ ने उठाई ‘एक देश—एक वोटर लिस्ट’ और न्यायिक जांच की मांग

लखनऊ / विशेष संवाददाता
देश में चुनावी निष्पक्षता और मतदाता सूचियों की प्रमाणिकता को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। ‘अपनी जनता पार्टी’ के राष्ट्रीय महासचिव दिलीप चौधरी ने सत्ताधारी दल और चुनावी मशीनरी पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि चुनावी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि जनता के वास्तविक वोट काटे जा रहे हैं और फर्जी वोटों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिससे निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संभव नहीं रह गए हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि जब तक मतदाता सूची में मौजूद विसंगतियों, फर्जी प्रविष्टियों और डुप्लीकेट नामों की निष्पक्ष व न्यायिक जांच नहीं होती, तब तक लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न बना रहेगा।
'फर्जी वोट खत्म करो, फिर चुनाव कराओ': चार सूत्रीय मांग पत्र
दिलीप चौधरी ने चुनाव सुधारों को लेकर चार प्रमुख मांगें सामने रखी हैं:
एक देश — एक वोटर लिस्ट: लोकसभा, विधानसभा, नगर निगम और ग्राम पंचायत चुनावों के लिए अलग-अलग मतदाता सूचियों की जगह पूरे देश में एक ही एकीकृत, केंद्रीय और सत्यापित सूची लागू की जाए। एक व्यक्ति — एक वोट का सख्त अनुपालन: किसी भी नागरिक का नाम एक से अधिक मतदान केंद्रों या राज्यों की सूची में दर्ज न हो।
मतदाताओं की पहचान का तकनीकी व कानूनी सत्यापन अनिवार्य किया जाए। व्यापक सत्यापन अभियान: मतदाता सूची से मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अपात्र मतदाताओं के नाम तुरंत हटाए जाएं तथा छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम पारदर्शी तरीके से जोड़े जाएं।
बहु-चरणीय चुनावों में फर्जीवाड़े पर रोक: विभिन्न चरणों में होने वाले मतदान के दौरान किसी भी व्यक्ति द्वारा एक से अधिक बार वोट डालने की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जाए। प्रशासनिक व चुनावी व्यवस्था पर उठते सवाल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत में लोकसभा/विधानसभा चुनाव कराने वाले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और स्थानीय निकाय चुनाव कराने वाले राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) के बीच अलग-अलग मतदाता सूचियों को लेकर पहले भी प्रशासनिक दिक्कतें सामने आती रही हैं।
हालाँकि चुनाव आयोग वार्षिक 'विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण' (SSR) और डी-डुप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के जरिए सूचियों को दुरुस्त करने का दावा करता है, लेकिन विपक्षी और क्षेत्रीय दलों का आरोप है कि धरातल पर बूथ स्तर पर यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रह पाती। 'अपनी जनता पार्टी' ने केंद्र और राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और न्यायपालिका से मतदाता सूची की स्वतंत्र जांच कराने की अपील की है।
पार्टी का कहना है कि वोट की शुद्धता ही लोकतंत्र की असली मजबूती है और इसके बिना देश में निष्पक्ष जनादेश संभव नहीं है।
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