इटावा मे नगर पालिका की खुली पोल

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*इटावा: 75 टन क्षमता वाला कचरा प्लांट फेल, EO नदारद, इंस्पेक्टर बिना बात लौटे – आक्रोशित ग्रामीणों ने लौटाईं कचरे से भरी गाड़ियां*
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इटावा में नगर पालिका परिषद का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बन गया है। 75 टन क्षमता होने के बावजूद यहां काम के नाम पर शून्य है। न सफाई है, न दवा का छिड़काव। परेशान ग्रामीणों ने आज सड़क जाम कर दी और कचरे से भरी सभी गाड़ियों को वापस शहर भेज दिया।
ये तस्वीरें हैं इटावा के सॉलिड वेस्ट कम्पोस्ट प्लांट की। बोर्ड पर लिखा है क्षमता 75 टन प्रतिदिन। लेकिन हकीकत में यहां सिर्फ कचरे के पहाड़ हैं। चारों तरफ प्लास्टिक और गंदगी। गाय-बैल इसी कचरे में खाना तलाशने को मजबूर हैं।
बदबू और मक्खियों से तंग आकर गांव की महिलाएं और पुरुष सड़क पर उतर आए। उन्होंने कचरा लेकर आ रहे सभी ट्रकों को रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने एक भी गाड़ी को प्लांट में नहीं घुसने दिया और सभी कचरे से भरी गाड़ियों को वापस शहर की ओर लौटा दिया।
“यहां स्टील फैक्ट्री के नाम पर जमीन ली थी। बना दिया कचरा प्लांट। मक्खियों के कारण खाना भी नहीं खा पाते। रिश्तेदार भी नहीं आते। दवा का छिड़काव नहीं होता, सिर्फ पानी डाल देते हैं। हमारी मांग है कि प्लांट यहां से हटाया जाए। नहीं तो हमें शहर में बसाया जाए।”
– *मुन्नी देवी*, ग्रामीण महिला
“हमारा जीना मुश्किल हो गया है। बहुत गंदगी है। दवा नहीं पड़ती। प्लांट को यहां से हटाना ही पड़ेगा।”
– *प्रेमवती*, ग्रामीण महिला
प्रदर्शन की सूचना के बाद भी मौके पर नगर पालिका के EO नहीं पहुंचे। इंस्पेक्टर विशाल मिश्रा जरूर आए, लेकिन ग्रामीणों से बिना बात किए वापस लौट गए। जिससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक प्लांट यहां से नहीं हटता या उन्हें वैकल्पिक आवास नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना होगा प्रशासन इस समस्या का क्या समाधान निकालता है।
रिपोर्ट – राम बहादुर सिह
एसियन न्यूज इटावा
मोबाइल नम्बर 8445191933
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