वाहन चलाने वालों के लिए अब 15 अगस्त से कुछ नियम बदल जायेंगे

।। छत्तीसगढ प्रदेश, मंगलवार 11,अगस्त 2026 ।।
वंदेभारतलाइवटीव न्युज—: प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार मोटर आदि वाहन चलाने वालों के लिए 15 अगस्त 2026 से कुछ नियम बदलने वाले हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नें जन विश्वास संशोधन अधिनियम 2026 के अंतर्गत मोटरयान अधिनियम में किए गए बदलाव को लागू करने की अधीसूचना को जारी कर दिया है। इस बदलाव के बाद ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के दस्तावेज, यातायात नियम उल्लंघन, बीमा और सड़क दुर्घटना पर मुआवजे से संबंधित नियमों में परिवर्तन होगा.। जानकारी के अनुसार इन नये नियमों में ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता को लेकर थोड़ी राहत दी गई है। अब ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता की अवधि के समाप्त होने के बाद भी वह 30 दिनों के लिए प्रभावी रहेगी, इसका मतलब है कि ड्राइविंग लाइसेंस की समय सीमा समाप्त होने के तुरंत बाद उसे अवैध मानकर इस पर कोई कार्यवाही नहीं होगी। इसके साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए उसकी समाप्ति तिथि से एक साल पहले तक आवेदन दिया जा सकता है और समय पर आवेदन करने पर नवीनीकरण लाइसेंस की समाप्ति की तारीख से प्रभावी होगा। वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द होने पर या उससे जुड़ै हुए कुछ मामलों में दस्तावेज जमा करने के लिए मिलने वाली समय सीमा को 14 दिनों से बढ़ाकर अब 30 दिनों का किया गया है। और जानने लायक जरूरी बातें–:: ऐसे यातायात उल्लंघन जिनके लिए कि अधिनियम में अलग से कोई दंड या जुर्माना तय नहीं है, उनमें पहली बार गलती होने पर दर्ज चेतावनी दी जायेगी। दूसरी बार या उसके बाद भी गलती किए जाने पर 500रूपय से लेकर 1,500 रूपय तक दंड हो सकता है। बिना जरूरत के अनावश्यक रूप से हार्न बजाने , हार्न निषेध क्षेत्रों में हार्न बजाने या साइलेंसर के बजाय कट आउट से धुआं निकालने वाले वाहनों पर पहली बार केवल चेतावनी दी जायेगी, दूसरी बार में 1,000 रूपय से लेकर 2,000 रूपय तक आर्थिक दंड दिया जायेगा। बिना वैध मोटर थर्ड पार्टी बीमा के वाहन चलाते पाए जाने पर अब से वाहन के निर्धारित मूल बीमा प्रीमियम का 3गुना या फिर 5,000 रूपय जो भी अधिक होगा , दुबारा गलती करने पर 5गुना मूल प्रीमियम या फिर 10,000 रूपय जो भी अधिक होगा वसूला जायेगा। वाहन दुर्घटना मे मौत या गंभीर चोट के मामले मे पीड़ित पक्ष को मिलने वाली अनुग्रह राशि को मोटर दुर्घटना मूआवजे से कम नहीं होगा। वाहन दुर्घटना के मुआवजे के लिए आवेदन देने की सामान्य छह महिनों की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी इस पर दावा अधिकरण , पर्याप्त कारण होने पर, अगले अधिकतम बारह महिनें तक आवेदन दिया जा सकता है, दावे का निपटारा बारह महिने मे करने का प्रयास करना होगा, यदि ऐसा नहीं होने पर देरी होने का कारण बताना होगा। ऐसे सभी वाहन को सड़क पर चलाने पर, जिसमें कि ऐसा कोई दोष है, जिससे नागरिकों को या दूसरे वाहनों को खतरा हो सकता है, के लिए 5,000 रूपय तक आर्थिक दंड हो सकता है। सड़क सुरक्षा ,वायु प्रदूषण के निर्धारित मानकों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर पहली बार मे 10,000 रूपय तक दंड और तीन माह तक लायसेंस से अयोग्यता का भी नियम है।
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