रावतभाटा में संसाधनों की कमी के चलते वानर ने गंवाई जान, रात 2 बजे तक सड़क पर चला उपचार


रावतभाटा। नगर में आए दिन बेजुबान पशु-पक्षियों की मौत के मामले सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इसका प्रमुख कारण पशु चिकित्सा संसाधनों और घायल व बेसहारा पशुओं के लिए उचित व्यवस्था का अभाव है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को रावतभाटा में सामने आया, जहां घायल अवस्था में मिले एक वानर को बचाने के लिए रात 2 बजे तक उपचार के प्रयास किए गए, लेकिन मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
पूर्व पार्षद मनीष गिरी ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे परमाणु बिजलीघर की आवासीय अणुतारा कॉलोनी स्थित वाटर पंप हाउस के पास एक वानर के घायल होने की सूचना ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड ने दी। सूचना मिलते ही गिरी मौके पर पहुंचे और वन विभाग तथा पशु चिकित्सालय को फोन कर मदद मांगी। कुछ समय बाद वन विभाग की टीम और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे। वानर की गंभीर हालत को देखते हुए उसे आवश्यक इंजेक्शन लगाए गए।
हालांकि रावतभाटा में घायल अथवा बीमार पशु-पक्षियों को रखने के लिए कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं होने के कारण वानर को मौके पर ही रखा गया। इसके बाद सारामां एनिमल फाउंडेशन की विनीता प्रदीप कोटा को वानर की बिगड़ती हालत की जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर विनीता प्रदीप रात 11 बजे वाली मिनी बस से रवाना होकर करीब 12 बजे रावतभाटा पहुंचीं।
मनीष गिरी ने वन विभाग के कोटा बैरियर स्थित कार्यालय से रात करीब 9 बजे पिंजरा लाकर वानर को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की। रात 12 बजे उपचार शुरू किया गया। कुछ इंजेक्शन लगाने के बाद रात करीब 1 बजे अस्पताल पहुंचकर दो और इंजेक्शन लाए गए तथा वानर को लगाए गए। इसके बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
मंगलवार सुबह करीब 7 बजे वानर की मौत की सूचना मिली। इसके बाद मनीष गिरी, विनीता प्रदीप और परमाणु बिजलीघर के ठेका कर्मचारियों की मदद से वानर के शव को दीपपुरा घाटी के वन क्षेत्र में ले जाकर विधि-विधान के साथ दफनाया गया।
विनीता प्रदीप ने रावतभाटा में लगातार हो रही बेजुबान और बेसहारा पशु-पक्षियों की मौत पर चिंता जताते हुए कहा कि यहां पशुओं के उपचार के लिए पर्याप्त संसाधनों की कमी है। घायल पशुओं को रखने के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल और एनिमल शेल्टर होम की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार और उचित आश्रय की व्यवस्था उपलब्ध हो तो कई बेजुबान जानवरों की जान बचाई जा सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से रावतभाटा में पशुओं के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, आवश्यक संसाधन तथा स्थायी एनिमल शेल्टर होम की व्यवस्था करने की मांग की है।
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