बिजली विभाग की कार्यशैली के खिलाफ किसानों का धरना-प्रदर्शन

मोहम्मदी:
मोहम्मदी क्षेत्र में बिजली विभाग की नीतियों, बकाये बिलों और अधिकारियों के रवैये को लेकर भारतीय किसान क्रांति यूनियन (भाकियू) के नेताओं और किसानों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान नेताओं और बिजली विभाग के अधिकारी के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जमीन पर बैठकर अधिकारी ने दिया जवाब
धरने के दौरान बिजली विभाग के अधिकारी को किसानों के साथ जमीन पर बैठकर बात करनी पड़ी। माइक पर किसानों ने अधिकारी से कई तीखे सवाल पूछे। किसानों ने आरोप लगाया कि:
सरकारी कार्यालयों, जैसे नगरपालिका परिषद, ब्लॉक और तहसील स्तर के दफ्तरों पर लाखों का बिजली बिल बकाया है, लेकिन उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती।
दूसरी ओर, आम उपभोक्ताओं और किसानों का छोटा-सा बकाया होने पर भी कनेक्शन काट दिए जाते हैं और उन पर दबाव बनाया जाता है।
मोहम्मदी क्षेत्र में कई अवैध और फर्जी कनेक्शन चल रहे हैं, जिन पर विभाग कोई जांच या कार्रवाई नहीं करता।
सीओजी फोन न उठाने पर जताई नाराजगी
किसान नेताओं ने अधिकारी पर सीयूजी (CUG) नंबर न उठाने और जनसमस्याओं की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया। किसान नेता ने कहा कि आपातकालीन स्थिति में भी अधिकारी फोन का जवाब नहीं देते, जबकि सरकारी नंबर जनता की सहूलियत के लिए दिया जाता है।
अधिकारी की सफाई और आश्वासन
किसानों के सवालों का जवाब देते हुए अधिकारी ने कहा:
बकाया वसूली: डिफ़ॉल्टर्स के खिलाफ नियम अनुसार कार्रवाई की जा रही है और कनेक्शन काटे जा रहे हैं। सरकारी दफ्तरों के बकाये की सूची भी निकाली जा रही है।
ऑनलाइन प्रक्रिया: नए कनेक्शन और एस्टीमेट संबंधी सभी प्रक्रियाएं अब पारदर्शी और ऑनलाइन हैं, उपभोक्ता झटपट पोर्टल/सीएससी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
जांच और कार्रवाई: गलत और अवैध कनेक्शनों के खिलाफ जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बातचीत के दौरान अधिकारी ने पूर्व के घटनाक्रमों पर खेद जताते हुए किसानों से शांतिपूर्वक समस्या के समाधान की अपील की। वहीं, किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों और बकाये बिलों की विसंगतियों को दूर नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
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