हैदराबाद गौशाला में गोवंश की सुरक्षा पर उठे सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग भारतीय बजरंग दल

गोला गोकर्णनाथ खीरी विकासखंड कुम्भी के अंतर्गत ग्राम हैदराबाद स्थित सरकारी गौशाला में गोवंशीय पशुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गौशाला से कथित रूप से गोवंशीय पशुओं को चौपहिया वाहन के माध्यम से चोरी-छिपे बाहर ले जाने के प्रयास का मामला सामने आने के बाद भारतीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बताया कि ग्रामीणों ने समय रहते मौके पर पहुंचकर वाहन सहित गोवंशीय पशुओं को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना देकर उन्हें पुलिस के सुपुर्द किया। मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की बात सामने आई है।
वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि घटना में दो व्यक्ति अभी फरार हैं तथा मामले की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई और धाराओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले की सूचना मिलने पर भारतीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष अनूप गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
आरोप है कि बाद में संबंधित खंड विकास अधिकारी के निर्देश पर सहायक विकास अधिकारी की ओर से अलग तहरीर तैयार कर मुकदमा दर्ज कराया गया। इसी तहरीर के आधार पर कार्रवाई किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
अनूप गुप्ता का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में यह जांच बेहद जरूरी है कि गौशाला से गोवंशीय पशुओं को बाहर ले जाने का प्रयास किन परिस्थितियों में हुआ, वाहन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया तथा इसमें गौशाला के केयरटेकरों अथवा अन्य जिम्मेदार लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं। उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों तक पहुंचने की मांग की है।
उन्होंने मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि पूर्व में भी गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर जांच हो चुकी है और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा जिले की सरकारी गौशालाओं की जांच के लिए टीम गठित की गई थी।
इसके बावजूद हैदराबाद गौशाला में दोबारा गंभीर आरोप सामने आना जांच व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। भारतीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष ने मांग की है कि मामले की जांच सक्षम उच्चाधिकारी अथवा स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराई जाए।
साथ ही गौशाला के केयरटेकरों, संबंधित खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाए। उन्होंने गौशाला में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, गोवंश की संख्या से संबंधित सरकारी अभिलेख, प्रवेश-निकासी रजिस्टर तथा गौशाला में आने-जाने वाले वाहनों का रिकॉर्ड जांच के दायरे में लेने की मांग की है।
साथ ही कथित रूप से गोवंश को बाहर ले जाने के प्रयास, संभावित अवैध बिक्री और पुलिस कार्रवाई में लगाई गई धाराओं की भी निष्पक्ष समीक्षा किए जाने की मांग उठाई है।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।






