गला दबाकर की गई थी संविदाकर्मी की हत्या, कई हड्डियां टूटीं.

अजीत मिश्रा (खोजी)
वाल्टरगंज क्षेत्र के धमौरा के पास बुधवार की सुबह मिला था खड़ौवा के युवक का शव। मंगलवार की शाम ही हत्या कर फेंका गया था शव, परिजन ने दी तहरीर। मौत से पहले संघर्ष की आशंका। गृह जनपद लौटते समय रची गई खौफनाक साजिश.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के खौफनाक खुलासे: मौत से पहले हुआ था भीषण संघर्ष। अनसुलझी पहेलियां और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर उठते तीखे सवाल।
खौफनाक वारदात: पुलिस निगम के संविदाकर्मी की बेरहमी से हत्या, सीने पर चढ़कर दबाया गया गला; कई हड्डियां टूटीं
- 30 किलोमीटर दूर मिली बाइक और गायब मोबाइल ने खड़े किए गंभीर सवाल
- ग्राउंड ज़रो इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट | बस्ती, उत्तर प्रदेश
बस्ती / नगर बाजार: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था और अपराधियों के बढ़तेौसले को बेनकाब करने वाली एक बेहद वीभत्स और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। गोरखपुर पुलिस निगम में संविदाकर्मी के रूप में तैनात 26 वर्षीय युवक यशवन्त कुमार की अत्यंत निर्ममता से हत्या कर दी गई। हत्यारों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए न केवल उनका गला घोंटा, बल्कि उनके सीने पर चढ़कर भीषण प्रहार किया, जिससे सीने की तीन पसलियां और शरीर की कई अन्य हड्डियां चकनाचूर हो गईं। बुधवार की सुबह वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के धमौरा गांव के पास एक शराब के ठेके के निकट उनका शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
गृह जनपद लौटते समय रची गई खौफनाक साजिश
मृतक यशवन्त कुमार मूल रूप से नगर बाजार क्षेत्र के खड़ौवा गांव के निवासी थे और वर्तमान में गोरखपुर पुलिस निगम में अपनी सेवाएं दे रहे थे। परिजनों के अनुसार, मंगलवार की शाम करीब आठ बजे वे कार्यालय से छुट्टी लेकर अपने घर के लिए रवाना हुए थे। मां के मुताबिक, यशवन्त नगर बाजार तक तो सुरक्षित पहुंच गए थे, लेकिन उसके बाद उनका घर न पहुंचना परिवार के लिए भारी चिंता का विषय बन गया। किसी अनहोनी की आशंका के बीच बुधवार की सुबह उनका क्षत-विक्षत शव वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के धमौरा गांव के पास झाड़ियों के समीप बरामद हुआ।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के खुलासे: मौत से पहले हुआ था भीषण संघर्ष
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों ने इस हत्याकांड को और अधिक खौफनाक बना दिया है:
- क्रूरता की इंतहा: हत्यारों ने मृतक के सीने पर चढ़कर उसका गला दबाया, जिसके भारी दबाव से सीने की तीन ऊपरी हड्डियां बुरी तरह टूट गईं।
- संघर्ष के निशान: मृतक के पैरों की उंगलियां, पैर के अंगूठे और माथे पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जो इस बात की गवाही दे रहे हैं कि प्राण त्यागने से पहले यशवन्त ने हत्यारों से खुद को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था।
- एक से अधिक हत्यारे: शरीर पर मौजूद अनगिनत जख्म और संघर्ष की परिस्थितियों को देखकर विशेषज्ञ और पुलिस यह अनुमान लगा रहे हैं कि इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने वाला कोई एक अकेला शख्स नहीं, बल्कि अपराधियों का पूरा गिरोह था।
- गर्दन पर नाखून के निशान: गला घोंटने के दौरान संघर्ष के स्पष्ट संकेत गर्दन और शरीर के पिछले हिस्से पर भी पाए गए हैं।
अनसुलझी पहेलियां और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवाल
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पुलिस की तफ्तीश और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- शव और बाइक की दूरी का रहस्य: जहाँ एक ओर यशवन्त का शव वाल्टरगंज क्षेत्र के धमौरा में मिला, वहीं उनकी बाइक घटना स्थल से लगभग 30 किलोमीटर दूर दुबौलिया थाना क्षेत्र के निर्माणाधीन बैरागल टोल के पास बरामद हुई। आखिर शव और बाइक इतनी दूर अलग-अलग स्थानों पर कैसे पहुँची, यह सबसे बड़ा रहस्य है।
- गायब मोबाइल फोन और सीडीआर: घटना के इतने दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ मृतक का मोबाइल फोन नहीं लग सका है। मोबाइल का गायब होना यह साबित करता है कि हत्यारे बेहद शातिर थे और वे डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट करना चाहते थे। फिलहाल पुलिस मोबाइल नंबर के आधार पर सीडीआर (Call Detail Record) खंगालने में जुटी है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और तीखा विश्लेषण
अपर पुलिस अधीक्षक श्यामाकांत ने इस संबंध में बताया कि फोरेंसिक टीम और तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से छानबीन की है। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
संपादकीय टिप्पणी: बस्ती की यह घटना खाकी और कानून के इकबाल पर एक बड़ा सवालिया निशान है। जब एक पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। सुनसान इलाके का फायदा उठाकर अपराधियों ने दुस्साहस की पराकाष्ठा पार कर दी है। आवश्यकता इस बात की है कि पुलिस जल्द से जल्द इस ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश करे, गायब मोबाइल को बरामद करे और असली गुनाहगारों को सलाखों के पीछे भेजकर कानून का इकबाल कायम करे।
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