NAFIS से मजबूत होगी हाथरस पुलिस की तकनीकी जांच, घटनास्थल से ही फिंगरप्रिंट का होगा डिजिटल मिलान

हाथरस। अपराध नियंत्रण और वैज्ञानिक विवेचना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए हाथरस पुलिस ने अपनी तकनीकी जांच व्यवस्था को मजबूत किया है। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने पुलिस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिले के सभी थानों के हेड मोहर्रिरों को राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) के तहत मोबाइल फोन और अन्य आवश्यक तकनीकी उपकरण वितरित किए।
इस दौरान संबंधित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अपर पुलिस महानिदेशक, तकनीकी सेवाएं मुख्यालय, उत्तर प्रदेश के निर्देशन में NAFIS व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिसकर्मियों को ये उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
घटनास्थल से ही लिए जा सकेंगे डिजिटल फिंगरप्रिंट
एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि आधुनिक उपकरणों की मदद से पुलिसकर्मी घटनास्थल पर ही संदिग्ध व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट डिजिटल रूप से संकलित कर सकेंगे। इसके बाद इन फिंगरप्रिंट का राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध डेटाबेस से तत्काल मिलान किया जा सकेगा।
इस व्यवस्था से संदिग्धों और अपराधियों की पहचान करने में पुलिस को तेजी मिलेगी। साथ ही पुराने मामलों के खुलासे और विवेचना की गुणवत्ता में भी सुधार होने की उम्मीद है।
एसपी ने सभी हेड मोहर्रिरों को निर्देश दिए कि उपलब्ध कराए गए तकनीकी उपकरणों का नियमित और प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने फिंगरप्रिंट के संकलन और सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उपकरणों के सुरक्षित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर इनका सही तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।
हाथरस पुलिस का कहना है कि तकनीकी नवाचारों को अपनाकर अपराध नियंत्रण, वैज्ञानिक विवेचना और नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवाएं देने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। NAFIS के प्रभावी क्रियान्वयन से पुलिस की कार्यकुशलता बढ़ने के साथ अपराधियों की त्वरित पहचान में मदद मिलेगी।
पुलिस को उम्मीद है कि नई तकनीकी व्यवस्था से जांच प्रक्रिया अधिक तेज और वैज्ञानिक बनेगी तथा जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी
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