गणेशोत्सव के पावन पर्व पर MP के प्रसिद्ध गजानन मंदिरों की महिमा… एक बार जरुर करने जाएंगे दर्शन

इंदौर / तेजकुमार जारवाल /वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़/
जिला रिपोर्टर, इंदौर, मध्य प्रदेश,
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ / भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से गणेश उत्सव की शुरुआत होती है और अनंत चतुर्दशी तक भगवान गणेश की विशेष आराधना की जाती है। इन दिनों देशभर के गणेश मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
मध्यप्रदेश में भी भगवान गणेश के कई प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिनसे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं लोगों की आस्था का केंद्र हैं। गणेश उत्सव के अवसर पर आइए जानते हैं मध्यप्रदेश के कुछ ऐसे प्रमुख गणेश मंदिरों के बारे में, जहां भक्त विशेष रूप से दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
1.चिंतामण गणेश मंदिर, उज्जैन
धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित चिंतामण गणेश मंदिर प्रदेश के प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में शामिल है। यह मंदिर महाकालेश्वर मंदिर से करीब 6 किलोमीटर दूर ग्राम जवास्या में स्थित बताया जाता है।
मंदिर के गर्भगृह में गणेशजी की तीन प्रतिमाएं विराजमान हैं। इन्हें चिंतामण, इच्छामन और सिद्धिविनायक के नाम से जाना जाता है।
उज्जैन में बड़ा गणपति मंदिर भी श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध है। 2.
खजराना गणेश मंदिर, इंदौर
इंदौर के खजराना क्षेत्र में स्थित खजराना गणेश मंदिर प्रदेश के प्रमुख आस्था केंद्रों में गिना जाता है। मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा रिद्धि-सिद्धि के साथ विराजमान है।
प्रतिमा पर चांदी का मुकुट सुशोभित है और गणेश उत्सव के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। 3.सिद्धेश्वर गणेश मंदिर, छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ ब्लॉक के ग्राम तुर्कीखापा में अडवार नदी के तट पर सिद्धेश्वर गणेश मंदिर स्थित है।
यहां भगवान गणेश की प्राचीन प्रतिमा विराजमान है। प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह धार्मिक स्थल स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
4.बेहट गणेश मंदिर, ग्वालियर
ग्वालियर के बेहट क्षेत्र में स्थित शिवालय और गणेश मंदिर भी धार्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से खास माना जाता है। मान्यता है कि प्रसिद्ध संगीत सम्राट तानसेन ने यहां बैठकर संगीत साधना की थी।
यही वजह है कि इस स्थान का संबंध धार्मिक आस्था के साथ संगीत परंपरा से भी जोड़ा जाता है। 5.चिंतामण सिद्ध गणेश, सीहोर
भोपाल के नजदीक सीहोर में स्थित चिंतामण सिद्ध गणेश मंदिर भी प्राचीन धार्मिक स्थलों में शामिल है।
मान्यता के अनुसार इस मंदिर की स्थापना राजा विक्रमादित्य ने कराई थी। यहां गणेशजी के दर्शन के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
6.कल्कि गणेश मंदिर, जबलपुर
जबलपुर में स्थित कल्कि गणेश मंदिर अपनी अनोखी मान्यता के लिए जाना जाता है। यहां भगवान गणेश को सामान्य रूप से मूषक पर नहीं, बल्कि घोड़े पर सवार स्वरूप में दर्शाया गया है।
मान्यता है कि भगवान गणेश कलियुग में प्रकट होकर कल्कि अवतार का साथ देंगे। इसी धार्मिक मान्यता के कारण इस मंदिर को कल्कि गणेश के नाम से जाना जाता है।
7.पोहरी गणेश मंदिर, शिवपुरी
शिवपुरी जिले के पोहरी किले में स्थित प्राचीन गणेश मंदिर भी स्थानीय स्तर पर काफी प्रसिद्ध है। ऐतिहासिक किले के परिसर में स्थित होने के कारण यहां धार्मिक आस्था के साथ ऐतिहासिक विरासत का भी अनुभव होता है।
8.महागणपति मंदिर, भोपाल
राजधानी भोपाल में स्थित महागणपति मंदिर भगवान गणेश के प्रमुख मंदिरों में गिना जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार देश में महागणपति नाम से प्रसिद्ध मंदिरों में एक भोपाल में और दूसरा पुणे में है।
9.बड़ा गणपति मंदिर, इंदौर
इंदौर का बड़ा गणपति मंदिर अपनी विशाल गणेश प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थापित गणेशजी की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।
मान्यता के अनुसार प्रतिमा के श्रृंगार और चोला चढ़ाने की विशेष परंपरा है। इसके लिए बड़ी मात्रा में घी और सिंदूर का इस्तेमाल किया जाता है तथा श्रृंगार की प्रक्रिया में कई दिन लगते हैं।
गणेश उत्सव में बढ़ जाता है मंदिरों का आकर्षण
गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक प्रदेशभर में गणपति उत्सव की धूम रहती है। इस दौरान इन प्राचीन मंदिरों में विशेष पूजा, अभिषेक और श्रृंगार किए जाते हैं।
धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व रखने वाले ये मंदिर मध्यप्रदेश की समृद्ध परंपरा की भी झलक दिखाते हैं।
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