MP की सियासत में असदुद्दीन ओवैसी की धुंआधार एंट्री… रामेश्वर शर्मा को लिया जमकर आड़े हाथों!

इंदौर / तेजकुमार जारवाल /वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़/ जिला रिपोर्टर, इंदौर, मध्य प्रदेश,
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के काजी कैंप को लेकर दिए गए मिसाइल वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भोपाल में आयोजित एक सभा के दौरान ओवैसी ने शर्मा को सीधे काजी कैंप आने की चुनौती दी और कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे यहां आकर मिसाइल चलाकर दिखाएं। मिसाइल वाले बयान पर ओवैसी का पलटवार
सभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने रामेश्वर शर्मा के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने करोंद चौराहे से मिसाइल चलाकर काजी कैंप में गिराने की बात कही थी।
ओवैसी ने कहा कि विधायक को अगर अपने बयान पर इतना भरोसा है तो उन्हें काजी कैंप आकर इसे करके दिखाना चाहिए। ओवैसी ने यह भी कहा कि वह किसी दबाव के आगे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उन्होंने सभा में कहा कि जरूरत पड़ने पर वह अकेले काजी कैंप में खड़े रहने और शहादत देने के लिए भी तैयार हैं। काजी कैंप के इतिहास का किया जिक्र
AIMIM प्रमुख ने अपने संबोधन में काजी कैंप के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में क्षेत्र के लोगों की भूमिका का भी उल्लेख किया।
उन्होंने स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों का नाम लेते हुए कहा कि यहां के लोगों ने देश की आजादी की लड़ाई में योगदान दिया है। दरअसल, रामेश्वर शर्मा ने करोंद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान काजी कैंप को लेकर मिसाइल संबंधी टिप्पणी की थी।
बयान सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। बाद में शर्मा ने सफाई देते हुए कहा था कि उनका संदर्भ भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि इस्लामाबाद स्थित काजी कैंप से था।
UCC को लेकर केंद्र और RSS पर निशाना
ओवैसी ने अपने भाषण में समान नागरिक संहिता (UCC) का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि UCC के जरिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 26 और 29 का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विभिन्न समुदायों को अपनी धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। RSS पर भी साधा निशाना
ओवैसी ने अपने संबोधन में सोवियत संघ का उदाहरण देते हुए RSS पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि जब सोवियत संघ की सरकार भी मदरसों और इस्लाम को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकी, तो RSS के लिए ऐसा करना संभव नहीं है।उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फोन कॉल और ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र करते हुए भी तंज कसा। ओवैसी ने कहा कि केवल बयान देना आसान है, लेकिन वास्तविक स्थिति में अपनी बात को साबित करना अलग बात है।
उनके इस संबोधन के बाद भोपाल की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।
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