कोयला चोरी के खिलाफ सीआईएसएफ का बड़ा अभियान, 19 ठिकानों पर छापेमारी; 760 किलो कोयला ज़ब्त

धनबाद कोयलांचल में सीआईएसएफ का एक्शन, पांच अवैध मुहानों की कराई गई भराई
अवैध खनन पर कसा शिकंजा: 19 स्थानों पर तलाशी, 172 कोयला वाहनों की जांच
ड्रोन निगरानी से वाहन जांच तक चला अभियान, अवैध कोयला कारोबार पर सीआईएसएफ की नजर
Zero Coal Leakage के तहत कार्रवाई तेज, जंगलों से कोल डंप तक सीआईएसएफ की निगरानी
धनबाद। कोयला चोरी और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए सीआईएसएफ ने धनबाद कोयलांचल के संवेदनशील इलाकों में व्यापक अभियान चलाया। भारत सरकार की “Zero Coal Leakage Tolerance Policy” के तहत बीसीसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से मंगलवार को अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी, तलाशी, वाहन जांच और निगरानी अभियान चलाया गया।
सीआईएसएफ की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक अभियान के दौरान 19 स्थानों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान करीब 760 किलोग्राम अवैध कोयला बरामद किया गया, जबकि पांच अवैध खनन मुहानों की भराई कराई गई। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी के साथ एरिया डोमिनेशन और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की तैनाती भी की गई।
बरोरा से सिजुआ तक अवैध मुहानों पर कार्रवाई
एरिया-01 बरोरा में मुराईडीह ओबी डंप के समीप अभियान चलाकर तीन अवैध खनन स्थलों को बंद कराया गया। वहीं एरिया-03 गोविंदपुर के जोगीडीह कोलियरी सीम-01 के पास कार्रवाई के दौरान करीब 760 किलो अवैध कोयला बरामद हुआ और एक अवैध मुहाने की भराई कराई गई।
एरिया-05 सिजुआ में जोगता चेक पोस्ट के समीप भी अवैध खनन स्थल के खिलाफ कार्रवाई की गई।
172 कोयला वाहनों की जांच
कोयले के अवैध परिवहन पर निगरानी के लिए प्रमुख चेक पोस्ट, रेलवे साइडिंग, कोल डंप और परिवहन मार्गों पर विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान 172 कोयला लदे वाहनों की जांच हुई। इनमें से 147 वाहनों के दस्तावेजों का M-Parivahan ऐप के जरिए सत्यापन किया गया। सीआईएसएफ के अनुसार जांच में कोई संदिग्ध गतिविधि अथवा दस्तावेज संबंधी अनियमितता नहीं मिली।
भू-धंसान वाले क्षेत्रों का भी निरीक्षण
अवैध खनन के साथ भू-धंसान संभावित क्षेत्रों पर भी सुरक्षा बल की नजर रही। एरिया-03 के महेशपुर कोलियरी अंतर्गत सिनीडीह बस्ती के बती घर के समीप ओबी डंप क्षेत्र में भू-धंसान की सूचना मिलने के बाद निरीक्षण किया गया। यहां किसी तरह की जान-माल की क्षति की सूचना नहीं मिली।
एरिया-04 के बिट्टू बाबू बगला भू-धंसान क्षेत्र में दरारों की भराई कराई गई। आवागमन रोकने के लिए रास्ते में ट्रेंच काटकर उसे बंद किया गया। ग्रामीणों को क्षेत्र को डेंजर जोन बताते हुए जल्द पुनर्वास की जानकारी दी गई। इसी क्षेत्र में डीजीएमएस द्वारा चिह्नित डेंजर जोन में मौजूद जर्जर मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई भी की गई।
पंप हाउस में चोरी का प्रयास, QRT पहुंचने से पहले फरार हुए आरोपी
एरिया-11 के भौरा पावर हाउस के समीप पंप हाउस में मंगलवार तड़के चोरी के प्रयास की सूचना से सुरक्षा व्यवस्था में हड़कंप मच गया। सीआईएसएफ के अनुसार करीब 8 से 10 असामाजिक तत्वों ने बीसीसीएल कर्मियों और गार्ड को कमरे में बंद कर दिया था। सूचना मिलते ही QRT को सक्रिय किया गया, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले आरोपी फरार हो गए।
प्रारंभिक जांच में पंप हाउस की मोटर का केबल काटकर ले जाने की बात सामने आई है।
ड्रोन से जंगलों में अवैध मुहानों की निगरानी
एरिया-12 के बसंतीमाता-दहीबाड़ी क्षेत्र में ड्रोन सर्विलांस के दौरान डुमरीजोर जंगल और कल्याणचक बस्ती के आसपास कुछ खुले अवैध मुहाने और रैट होल चिन्हित किए गए। हालांकि मौके पर अवैध कोयले का भंडारण नहीं मिला। सीआईएसएफ ने इसकी जानकारी संबंधित कंपनी कमांडर को दी तथा मुहानों को बंद कराने के लिए बीसीसीएल से आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
पलासिया जंगल में भी अवैध मुहानों की भराई के लिए सीआईएसएफ और बीसीसीएल की टीम पहुंची थी, लेकिन पुलिस बल उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी।
आंदोलनों और धरना स्थलों पर भी सुरक्षा निगरानी
एरिया-01 में मुआवजा और विस्थापन की मांग को लेकर आशा कोठी के ग्रामीणों ने शताब्दी माइंस का काम बंद कराया था। प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच वार्ता के बाद खनन एवं उत्पादन कार्य फिर शुरू हो गया।
एरिया-07 में नियोजन समेत अन्य मांगों को लेकर अरलगाड़िया गठबंधन संघ मोर्चा के बैनर तले अनिश्चितकालीन बंदी सह धरना जारी रहा। प्रबंधन के साथ 18 सितंबर को वार्ता प्रस्तावित है। सुरक्षा के मद्देनजर वहां एसआरटी टीम तैनात की गई है।
बीके-टू क्षेत्र के बेनीडीह कोल डंप में कोयला उपलब्ध नहीं होने से रोड सेल के असंगठित मजदूरों ने लोडिंग और ट्रांसपोर्टिंग का काम बाधित किया। हालांकि स्थिति शांतिपूर्ण बताई गई।
सुरक्षा अभियान के साथ पर्यावरण गतिविधियां भी
सीआईएसएफ ने सुरक्षा कार्रवाई के अलावा पर्यावरण और आपदा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियां भी संचालित कीं। एरिया-06 में 30, एरिया-12 के विभिन्न कैंपों और दाहिबाड़ी मैगजीन में 230 तथा पीसीडब्ल्यू पाथरडीह कैंप में 75 पौधे लगाए गए।
बसंतीमाता कैंप में 18 बल सदस्यों की भागीदारी से मॉक ड्रिल का आयोजन भी किया गया।
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