सिद्धार्थनगर में बाढ़ जैसे हालात, कई गांव मैरुंड, हजारों हेक्टेयर फसल प्रभावित

सिद्धार्थनगर जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश और नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के चलते जिले से होकर गुजरने वाली ज्यादातर नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश के कारण जिले में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। बाढ़ के चलते जिले में करीब एक दर्जन गांव मैरुंड हो गए हैं, जबकि हजारों हेक्टेयर धान और सब्जी की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है। अकेले शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में खैरी शीतल, नकुलडीहवा, तोलिहवा समेत करीब छह गांव मैरुंड बताए जा रहे हैं। इन गांवों में आवागमन के लिए जिला प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था की गई है।
नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से आने वाले समय में बाढ़ का असर और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में कई और गांवों के साथ बड़ी मात्रा में फसल प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि खैरी शीतल का नकुलडीहवा टोला हर वर्ष पानी से घिर जाता है। इसके बाद गांव से बाहर निकलने के लिए लोगों के पास सिर्फ नाव का सहारा रह जाता है।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव से मुख्य सड़क की दूरी ज्यादा नहीं है। सड़क को ऊंचा करने और बीच में पुलिया का निर्माण कराने की मांग वे लंबे समय से जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से करते आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हर वर्ष बाढ़ के दौरान अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचते हैं और समस्या के स्थायी समाधान का आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन कई दशकों से समस्या जस की तस बनी हुई है।
इस बार भी बाढ़ के पानी से ग्रामीणों की धान और सब्जी की फसल को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में पानी भरने से लाखों रुपये की सब्जी और धान की फसल खराब हो गई है। अब ग्रामीणों को प्रशासन से उम्मीद है कि फसलों के नुकसान का सही आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। खैरी शीतल गांव में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे शोहरतगढ़ तहसील के उप जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि लगातार बारिश के कारण शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के पांच गांव मैरुंड हो चुके हैं और सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि मैरुंड गांवों में फिलहाल नाव की व्यवस्था की गई है। जलस्तर लगातार बढ़ने को देखते हुए इन गांवों में 10 से अधिक अतिरिक्त नावों की व्यवस्था भी की जाएगी। जलस्तर घटने के बाद क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराया जाएगा और नियमानुसार प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। खैरी शीतल गांव के हर वर्ष मैरुंड होने की समस्या पर एसडीएम ने कहा कि संबंधित विभागों और उच्च अधिकारियों के साथ समन्वय कर गांव को बाढ़ की समस्या से निजात दिलाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके बाद स्थायी समाधान की दिशा में जल्द काम शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
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