जंगीपुर से शाहपुर तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर ट्रायल शुरू, 18-20 मिनट में पूरी हो रही 34 किमी दूरी

संवाददाता, गाजीपुर। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन के जंगीपुर क्षेत्र के समीप से निकलने वाले गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर गुरुवार से वाहनों का ट्रायल शुरू हो गया। पहले चरण में जंगीपुर से लट्ठूडीह-रसड़ा मार्ग पर शाहपुर तक करीब 34 किलोमीटर सड़क को एक माह के लिए ट्रायल के तौर पर वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है। ट्रायल शुरू होने के साथ ही इस नए मार्ग पर यातायात की गति और सुरक्षा व्यवस्था की भी निगरानी की जा रही है।
इस मार्ग पर वाहनों की गति पर नजर रखने के लिए स्पीड मीटर लगाया गया है। निर्धारित गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ ऑटोमैटिक चालान की व्यवस्था भी शुरू की जा सकती है। ट्रायल के दौरान फिलहाल टोल की वसूली नहीं की जाएगी। शुरुआती तौर पर वाहन 34 किलोमीटर की दूरी करीब 18 से 20 मिनट में पूरी कर रहे हैं।
गाजीपुर से बिहार तक बनेगा तेज सड़क संपर्क
गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल के महत्वपूर्ण सड़क संपर्क परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन को बलिया, मांझीघाट और बिहार के प्रमुख मार्गों से जोड़ना है। परियोजना पूरी होने के बाद गाजीपुर, बलिया और बिहार के बीच आवागमन के लिए एक नया तेज मार्ग उपलब्ध होगा।
यह एक्सप्रेसवे आगे चलकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बक्सर की ओर जाने वाले मार्ग से भी जुड़ाव प्रदान करेगा। इससे गाजीपुर-बलिया क्षेत्र के लोगों को लखनऊ और दिल्ली की दिशा में जाने के लिए बेहतर सड़क संपर्क मिलने की संभावना है।
करीमुद्दीनपुर क्षेत्र में महत्वपूर्ण कनेक्शन
परियोजना में करीमुद्दीनपुर क्षेत्र के आसपास दो महत्वपूर्ण गोलचक्करों की भूमिका बताई जा रही है। इनमें एक कनेक्शन बलिया-मांझी तथा बक्सर की दिशा में यातायात को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण होगा, जबकि दूसरा हैदरिया की ओर से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से संपर्क स्थापित करने में मदद करेगा।
बक्सर की दिशा में जाने वाले यातायात के लिए भरौली-बक्सर स्पर महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को बक्सर से जोड़ने का रास्ता तैयार होगा। दूसरी ओर, हैदरिया के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ाव होने पर गाजीपुर-बलिया क्षेत्र से लखनऊ की दिशा में आवागमन सुगम हो सकेगा।
117.120 किमी लंबा है मुख्य एक्सप्रेसवे
गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की मुख्य लंबाई करीब 117.120 किलोमीटर है। इसके अलावा भरौली-बक्सर स्पर करीब 17.7 किलोमीटर लंबा है। पूरी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 5,473 करोड़ रुपये बताई गई है।
परियोजना के निर्माण के लिए चार कंपनियों को अलग-अलग हिस्सों का टेंडर दिया गया है। एक्सप्रेसवे गाजीपुर के करीब 86 और बलिया के करीब 99 गांवों से होकर गुजरने वाला है। परियोजना की आधारशिला फरवरी 2023 में रखी गई थी।
अन्य हिस्सों को भी जल्द शुरू करने की तैयारी
पहले चरण में 34 किलोमीटर सड़क को ट्रायल के लिए खोलने के बाद अब परियोजना के अन्य हिस्सों को भी जल्द पूरा करने की तैयारी है। अधिकारियों का कहना है कि बक्सर फेज को भी शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे गाजीपुर-बलिया क्षेत्र से बिहार की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक और तेज मार्ग उपलब्ध होगा।
एनएचएआई आजमगढ़ के परियोजना निदेशक पीयूष अग्रवाल के अनुसार, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के पहले चरण के 34 किलोमीटर हिस्से को ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है। इससे क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी। बक्सर फेज को भी जल्द शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
व्यापार और आवागमन को मिल सकता है बढ़ावा
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विभिन्न हिस्सों के चालू होने से गाजीपुर, बलिया और आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी लाभ मिल सकता है। गाजीपुर और बलिया से बिहार, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तथा आगे लखनऊ-दिल्ली की दिशा में जाने वाले वाहनों के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में विकसित हो सकता है।
फिलहाल 34 किलोमीटर के हिस्से पर चल रहे ट्रायल के दौरान सड़क की क्षमता, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की निगरानी की जा रही है। इसके बाद परियोजना के शेष हिस्सों को चरणबद्ध तरीके से यातायात के लिए खोलने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
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