जिलाधिकारी ने की कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा, संबंधित अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश

हाथरस जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए सभी अधिकारी पूर्ण गंभीरता, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य देय एवं विविध देयों की वसूली, कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों, लंबित आरसी, तहसीलवार एवं विभागवार राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा विभिन्न विभागों की वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष सितम्बर, 2026 तक की गई राजस्व वसूली की विभागवार जानकारी प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने कम वसूली वाले विभागों के अधिकारियों को अभियान चलाकर बकाये की वसूली में तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने एआईजी स्टाम्प को निर्देशित किया कि बैनामे से पूर्व संबंधित गाटे का मौके पर स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गलत रिपोर्ट पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। उन्होंने कहा कि भूमि का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित होने से भूमि संबंधी विवादों एवं भविष्य में उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
वाणिज्य कर, स्टाम्प एवं आबकारी विभाग की माह के सापेक्ष कम वसूली पर जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर राजस्व वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वसूली के दौरान किसी भी व्यक्ति का अनावश्यक उत्पीड़न न किया जाए तथा नियमानुसार निष्पक्ष कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने खनन अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में अवैध खनन किसी भी दशा में नहीं होना चाहिए। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित चेकिंग अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्यवाही करने तथा सतत निगरानी बनाए रखने को कहा।
मंडी सचिव को मंडियों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मंडी में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की मंडियों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने तथा
आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागीय अधिकारियों को प्रवर्तन संबंधी रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने को कहा।
आगामी त्योहारों के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने जिला आबकारी अधिकारी को अभियान चलाकर अवैध एवं नकली शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पटाखों के गोदामों एवं दुकानों का निरीक्षण करने तथा त्योहारों के दौरान पटाखों की दुकानें लगाए जाने वाले स्थलों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने तहसील स्तर पर लंबित आरसी की वसूली में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित वसूली प्रकरणों का नियमित अनुश्रवण किया जाए। प्रभावी कार्यवाही के माध्यम से राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वसूली कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को विभागीय समन्वय के साथ पारदर्शी एवं जवाबदेह तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व कार्यों में तेजी लाते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे जनपद की राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति लाई जा सके।
बैठक के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, वाणिज्य कर अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका एवं नगर पंचायत, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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